कॉन्ग्रेस पोस्टर से सोनिया की तस्वीर का अचानक छोटा और फिर गुम हो जाना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। संकेत यह कि सोनिया का राजनीतिक कद पार्टी में और आम लोगों के बीच कम होता जा रहा है।
प्रियंका गाँधी की सीट का आवंटन इस ओर भी इशारा करता है कि कहीं न कहीं कॉन्ग्रेस को यह एहसास है कि वो वंशवादी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है, जिसे दुनिया की नज़र से धूमिल करना होगा।
पिछले कुछ दिनों से मुख्यधारा की मीडिया वाड्रा की पत्नी यानी प्रियंका वाड्रा पर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान है। मीडिया उनकी हर गतिविधि जिसमें अपने पति वाड्रा को ईडी कार्यालय तक ड्रॉप करने और फिर पिक करने संबंधी ख़बरों को तरजीह देना शामिल है।
एजेंसी को यह भी सूचना मिली है कि लंदन में कई प्रॉपर्टी रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित हैं। इनमें 2 घर और 6 फ्लैट शामिल हैं। ईडी चाहती है कि वाड्रा आएँ और अपनी प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी दें।
2012 में 15 दिनों से भी ज्यादा दिन के गहन प्रचार-प्रसार के बाद प्रियंका ने अकेले अपने दम पर अमेठी-रायबरेली में कॉन्ग्रेस के सीटों की संख्या 7 से 2 पहुँचा दी थी।