जैकी ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी। उसमें उसने सलमान खान को धमकी देते हुए कहा था कि सलमान को उनके गुनाहों की सजा कोर्ट नहीं बल्कि वो देगा।
लड़कियों के मुताबिक, चलती गाड़ी में बदमाश युवकों ने उनसे मोबाइल और पर्स लूटने की कोशिश की थी। उन्होंने कार में काफी संघर्ष किया। शोर भी मचाया था, लेकिन इलाका सुनसान था। जिन लड़कियों का अपहरण हुआ है वह हिन्दी नहीं बोल पाती हैं।
हेलो... मेरा नाम सुरेश (अपना मुस्लिम नाम छुपाते हुए) है। मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ। पीड़िता के साथ एक ही बस में आने-जाने से बनी पहचान के कारण आसिफ से सुरेश बने रेप आरोपित ने एक दिन उसे किसी बहाने बुलाया, जहाँ एक गाड़ी में उसे जबरन बैठाया गया, नशे की गोलियाँ खिलाई गई और...
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कॉन्ग्रेस की कर्जमाफी योजना फ्लॉप हो गई है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं और विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इन सबके बावजूद मीडिया इन ख़बरों को तवज्जो नहीं दे रहा। जबकि, यूपी में छोटी-मोटी गड़बड़ियों को भी हाइलाइट किया गया।
पुलिस ने बताया कि देर रात खुसा की ढाणी में भीड़ ने मुनफेद खान को घेरा और उसकी गाड़ी से 7 गोवंश बरामद किए। इस दौरान लोगों का गुस्सा उसपर फूट पड़ा और उन्होंने मुनफेद खान की जमकर पिटाई कर दी।
मुस्लिम युवक बाइक लेकर बुद्धसागर के रास्ते में रहते थे और लोगों के साथ बदसलूकी करते थे। उन्होंने पीड़ित युवकों को 'देख लेने' और मारपीट करने की धमकी दी थी। मुस्लिम युवकों न पीड़ित युवकों के साथ गाली-गलौच भी किया। मुस्लिम युवकों ने 'अपने मोहल्ले' का हवाला दिया और बदसलूकी की।
डॉक्टर ने मरीज से कहा कि अगर रुपए नहीं दिए गए तो वह पैर में डाला गया रॉड वापस निकाल लेगा। रिश्तेदार 'भामाशाह योजना' के तहत निःशुल्क इलाज की बात कह रहे थे लेकिन डॉक्टर ने कहा कि प्लेट भामाशाह योजना से नहीं आती है।
विधायक राजेसंदर सिंह गुढ़ा ने कहा कि 10 साल पहले भी वे बसपा विधायक दल के नेता थे और तब भी उन्होंने राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के लिए क़दम उठाया था। उन्होंने कहा कि आज फिर हालात ऐसे ही हैं और इसीलिए फिर से वैसा क़दम उठाना पड़ा।
आरोपित युसूफ पीड़िता के गाँव के एक मदरसे में मौलवी है। इस दौरान कई बार उसका खराब बर्ताव और हरकतें जाहिर होने पर ग्रामीणों ने उसे मदरसे से भगा दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र में आरक्षण दिए जाने की व्यवहारिकता, स्वीकार्यता, संभावनाओं और प्रभावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार इसके लिए व्यापार जगत से बातचीत करेगी और उनकी प्रतिक्रिया आते ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।