तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती कलकत्ता में एक वृद्धाश्रम में हिन्दू त्योहार 'भाई-फोंटा' मनाने पहुँची। इस पर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आईं।
"प्रिय मुख्यमंत्री सर, मैंने आपके लिए कान के स्पेशलिस्ट की अपॉइंटमेंट बुक की है। सर, हम दोनों भले ही अलग पार्टियों से हैं, लेकिन आप हमारे मुख्यमंत्री हैं, हमें आपकी फिक्र है। कृपा कल अस्पताल में जाइए और अपना चेकअप कराइए।"
शुभकामना संदेश को लेकर समुदाय विशेष के लोगों ने जहीर को किया ट्रोल। ट्रोल करने वाले उमर को राणा अय्यूब, निखिल वागले और सबा नकवी जैसे लिबरल पत्रकारों के साथ ही संजय निरुपम जैसे कॉन्ग्रेसी भी फॉलो करते हैं।
शाहरुख द्वारा शेयर की इस तस्वीर को अपलोड किए कुछ वक़्त ही गुज़रा था कि एक यूज़र ने उन्हें "झूठा मुस्लिम (मुनाफिक)" कहा और उन्हें ईद की शुभकामनाएँ दीं। हैरानी इस बात पर होती है कि हिन्दू त्यौहार के लिए नफ़रत इतनी प्रबल है कि...
"बकरा ईद पर, वे हमें अपना दरवाज़ा खुला रखने के लिए मजबूर करते हैं और वे हमारे घर के सामने बकरियों का वध करते हैं। लेकिन, मैंने कभी कुछ नहीं कहा क्योंकि यह उनका त्योहार है। क्योंकि हम हिन्दू हैं, हमारा मज़ाक उड़ाया जाता है, दबाव डाला जाता है और ऐसी स्थिति बनाई जाती है कि हम जल्द ही इस क्षेत्र को छोड़ दें।"
दुबई में दिवाली समारोह के इस अनूठे कार्यक्रम में काफ़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही पुलिस बैंड ने लोगों के लिए ‘जन-गण-मन’ बजाया, भीड़ खड़ी हो गई और जब राष्ट्रगान ख़त्म हुआ उस वक़्त लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई, वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।
लगभग सभी मीडिया चैनल ने एक विकृत और अपराधी के रूप में सर्वजीत को दिखाया। सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी जसलीन के पोस्ट और अन्य संबंधित पोस्ट को बड़े धड़ल्ले से शेयर किया, इससे लोगों के मन में सर्वजीत की ख़राब छवि बन गई।
TikTok गर्ल हरीम शाह को भले ही इस वीडियो शूट पर बड़ा नाज़ हो, लेकिन सच्चाई यह है कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो पर कई तीख़ी प्रतिक्रियाएँ आई हैं जो न TikTok गर्ल के लिए ठीक है और न ही पाकिस्तान सरकार के लिए।
"सिर्फ़ भारत के यूज़र्स के लिए आपत्तिजनक विषयवस्तु को निष्क्रिय या ब्लॉक करना काफ़ी नहीं होगा क्योंकि यहाँ रह रहा यूज़र उस विषयवस्तु को किसी अन्य माध्यम से भी देख सकता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर आपत्तिजनक पोस्ट से संबंधित वीडियो लिंक्स को निष्क्रिय किया जाए।"
नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने पी चिदंबरम की जमानत के लिए 'Enlargement' शब्द का प्रयोग किया, जो कि एक 'Highly technically legal term' है, लेकिन कई लोगों ने समझा कि वो पी चिदंबरम के लिए अजीबोगरीब भाषा (अश्लील) का प्रयोग कर रहे हैं।