"प्रिय विशाल मोदी के प्रति घृणा ने आपको अंधा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आप हिदू विरोधी, हिंदुओं से घृणा करने वाले बन गए हैं, जिस वजह से आपको सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर पर फैसला असंतोषजनक लग रहा है। शर्म आनी चाहिए आपको।"
हरिद्वार में एक कव्वाली आयोजन के दौरान एक अजीब वाकया हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग सीट पाने के लिए एक दूसरे को बेहरमी से...
यह पंजाब के लिए स्वतंत्रता के समर्थन में कम से कम 5 मिलियन वोट प्राप्त करना चाह रहा था। जिसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र से सम्पर्क करने की योजना बनाता। पंजाब पुलिस का कहना है कि SFJ और रेफरेंडम 2020 दोनों ही पाकिस्तान द्वारा समर्थित हैं।
उन्नाव में हिंसा से जुड़ा 22 सेकेंड का एक वीडियो इंटरनेट पर पहुँचते ही सोशल मीडिया में धड़ल्ले से शेयर किया जाने लगा। लोग यूपी पुलिस को बर्बर बताने लगे। लेकिन, जब पूरा वीडियो सामने आया तो...
12 वर्षीय बच्चे बाजी राउत को अंग्रेज सैनिकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने (बच्चे) नदी पार करने के उनके (ब्रिटिश) हुक़्म को मानने से इनकार कर दिया था।
दिलीप सी मंडल ने आरोप लगाया था कि ट्विटर दलितों को ब्लू टिक नहीं देता है। इसके बाद कथित दलित कार्यकर्ता और वामपंथी गिरोह सक्रिय हो गया और मंडल जी को ब्लू टिक मिल गया। अब इसी नुस्खे के साथ शाहिद सिद्दीकी ब्लू टिक मॉंग रहे हैं।
ग्रुप में कई आपत्तिजनक मैसेज डाले गए थे। बाबरी ढाँचे के फोटो के साथ उर्दू में मैसेज लिख कर शेयर किया जा रहा है। अंग्रेजी में भी भड़काऊ बातें लिख कर शेयर की जा रही थीं। अकबर उस ग्रुप का एडमिन था। इस ग्रुप में पाकिस्तानी भी शामिल थे।
पुलिस विभाग की सोशल मीडिया निगरानी शाखा ने रविवार को 22 मुक़दमे दर्ज किए और 40 लोगों को हिरासत में लिया। एडीजी लखनऊ जोन पीवी रामाशास्त्री के मुताबिक, शनिवार देर रात तक ही 37 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
चिंता का विषय यह है कि इन लोगों ने उन छात्रों को भी शिक्षित किया जो भविष्य में सैकड़ों लोगों को शिक्षित करेंगे। यह हमारी शिक्षा की स्थिति की एक भयानक तस्वीर को उजागर करता है। इससे यह बात भी स्पष्ट हो जाती है कि वर्तमान सरकार को प्राथमिकता के आधार पर छात्रों को पढ़ाए जाने वाले इतिहास के पाठ्यक्रम में संशोधन की आवश्यकता क्यों है?
कविता कृष्णन ने आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने लिखा कि ध्रुव राठी कभी अपनी आलोचना को स्वीकार नहीं करता है। बकौल कविता कृष्णन, स्वस्थ आलोचना को नज़रअंदाज़ करने वाला ध्रुव कभी इस बात को नहीं समझता कि उसे काफ़ी कुछ सीखने की ज़रूरत है।