मोदी जिस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चँदा मामा की सैर का श्रेय लेते हुए लहरिया लूटने की सोच रहे हैं, वो तकनीक भी नेहरू जी द्वारा स्थापित (फ़िलहाल गुप्त) राजीव गाँधी टेलीपोर्टेशन अनुसन्धान संस्थान की ही देन है। नेहरू ने ही माउंटबेटेन के साथ मिलकर आग का आविष्कार किया था। लेकिन गोदी मीडिया आपको...
सड़कछाप पंक्तियों को ग़ालिब का बताते हुए श्री थरूर जी ब्रो ने यह जानकारी भी दी कि मिर्ज़ा ग़ालिब उनके 'ऑल टाइम फेवरेट' हैं। कल वो ग़ालिब के नाम से ये न ट्वीट कर दें कि 'गुल गया, गुलबदन गया, गई होंठों की लाली,/ अब तो पीछा छोड़ दे मैं हो गई बच्चों वाली', इस कारण लोगों में डर का माहौल है।
महिला को उसकी हरकत के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन पादरी ने उस पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए। जिसके कारण उसे बाद में रिहा कर दिया गया। महिला की दोस्तों का कहना है कि वो मानसिक परेशानी से जूझ रही है।
तिरंगे को उल्टा रखने के साथ ही ट्विटर यूज़र्स ने सजा भोग रहे संजीव भट्ट की पत्नी और बच्चे से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि संजीव भट्ट के लिए 'Detention' शब्द इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए सजा मिली है।
वीडियो के विवादों में आने के बाद तेलंगाना के गृह मंत्री ने कहा, "मेरा पोता सिर्फ वाहन के ऊपर बैठा था और किसी स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया। हम इसकी जाँच करेंगे। मेरे पोते का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
ऋचा भारती उर्फ़ ऋचा पटेल के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल अबु आजमी वसीम खान फरार है और पुलिस ने उसकी धड़-पकड़ की कोशिशें तेज कर दी हैं।
आधार भारत सरकार की योजना थी। इससे जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग़रीबों तक पहुँचा। लेकिन, FaceApp रूस की कम्पनी है। अमेरिकी चुनाव में रूस का साइबर हस्तक्षेप का मामला याद ही होगा? आप ऐप बेशक यूज करें लेकिन इससे पहले कुछ बातें जान लें।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने प्रियंका की यूएस के बीच पर खींची गई तस्वीरों को आधार बनाकर तंज कसा। यूजर ने प्रियंका से पूछा, "सच में...!! आप जिंदा हैं..? हमें लगा आप यूएस के बीच पर अपनी छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।"
अदालत ने आपत्तिजनक पोस्ट लिखने वाले उस युवक को अगले एक साल तक कानपुर के हर गली-मोहल्ले में 'विमल' बाँटने की सजा सुना दी है और साथ ही उन्हें 'बोलो जुबाँ केसरी' के नारे भी लगाने होंगे।
एक हिंदू लड़की को उसके मुस्लिम बॉयफ्रेंड द्वारा बर्बर तरीके से मार दिया जाता है और तुम्हें मजाक सूझ रही है। अगर यह उल्टा होता तो फेविकॉल पी के शांत बैठी रहती। मौत पर व्यंग्य करके इंसान गिरने की सीमा से भी परे होकर गिर जाता है।