अटॉर्नी जनरल ने पीठ के सामने एक-एक कर ऐतिहासिक घटनाक्रम का ब्योरा दिया। साथ ही कश्मीर का भारत में विलय और जम्मू कश्मीर संविधान सभा के गठन के बारे में विस्तार से बताया।
"वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने जिस तरह से मुझसे सवाल किया। ये मानव अधिकारों के नाम पर समाज को धोखा देना है। बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों का मज़ाक बनाना है। ये मानव अधिकारों के नाम पर बिज़नेस चलाते हैं और सिर्फ़ और सिर्फ़ मुजरिमों को सपोर्ट करते हैं।"
"भारत माता से आज़ादी, कश्मीर से आज़ादी एक तरह के अलगाववादी नारे हैं, जिनकी CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस तरह के नारे देश पर सवाल खड़े करते हैं और CAA के ख़िलाफ़ चल रहे मज़बूत आंदोलन को कमज़ोर करने का काम करते।"
कपिल सिब्बल ने सुनवाई पूरी नहीं होने तक इस को निलंबित करने की मॉंग की। साथ ही कहा कि सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन होना चाहिए। चीफ जस्टिस की अगुआई वाली पीठ ने कहा कि केंद्र की पूरी बात सुने बिना वे एकतरफा आदेश नहीं दे सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं इंदिरा जय सिंह। उन्होंने निर्भया की माँ को सलाह दिया कि वो सोनिया गाँधी का अनुसरण करें। उन्होंने अपने पति के हत्यारों के लिए मौत की सज़ा नहीं माँगी। ठीक उसी तरह से निर्भया की माँ भी सब कुछ भुलाकर अपनी बेटी के बलात्कारियों को माफ कर दें।
अब्दुल्ला आजम स्वार से 2017 में विधायक चुने गए थे। बीते साल हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।
2008 में आतंक से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मनमोहन सरकार एक कानून लाती है। यह अच्छा काम भी कर रही होती है। लेकिन कॉन्ग्रेस के ही एक मुख्यमंत्री को इससे दिकक्त होने लगी, पहुँच गए सुप्रीम कोर्ट। कॉन्ग्रेसी CM के फैसले से खुश कौन है? - PFI, वही, जिस पर खुद बैन लगने की तलवार लटक रही है।
सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया है कि रिश्वत की बात पेड़, गमला, समान और प्रसाद जैसे कोड वर्ड के जरिए की गई। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का कोड वर्ड 'मंदिर' था। हवाला लेन-देन के लिए 'दस रुपए का नोट' कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।