हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को बाल दुष्कर्म के मामलों की जानकारी देते हुए बताया गया था कि इस प्रकार के मामलों के निपटाने की दर महज नौ फीसदी ही है। और यह हालात पोक्सो कानून लागू होने के सात साल बाद की है।
उन्नाव बलात्कार मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए कहा कि इससे संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर हों। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान कोर्ट में CBI के ऑफ़िसर को उपस्थित रहने के लिए भी कहा, जो इस बात की जानकारी देंगे कि इस मामले की जाँच में अब तक क्या हुआ।
माल्या ने भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपए का लोन लिया था और उसे चुका नहीं पाने के कारण 2 मार्च, 2016 को देश छोड़ दिया था। भारत ने 2017 में प्रत्यर्पण की मांग की थी और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
सेंट थॉमस चर्च के विक्टर फादर जोसेफ मलयिल ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि अंतिम संस्कार मानवता की बात है। लेकिन, जेकोबाइट पक्ष के एक सूत्र ने बताया कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जब ऑर्थोडॉक्स समूह ने दूसरे गट के ईसाइयों को दफ़न करने से मना कर दिया।
आम्रपाली ने उन कंपनियों के साथ संदिग्ध तरीके से समझौते किए, जिनमें महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी के बड़े स्टेक हैं। धोनी भी सात साल तक आम्रपाली के एक ब्रांड एंबेसडर थे। हालाँकि, वे हजारों असंतुष्ट खरीदारों के दबाव के बाद उससे हट गए थे।
राष्ट्रीय दुधारू पशु आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व जस्टिस गुमान लाल लोढ़ा द्वारा भारत सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा है कि इस रिपोर्ट में दुधारू गायों और बछड़ों के वध पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
केन्द्र और असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- "हमें एनआरसी में शामिल लोगों के लिए नमूना सत्यापन की प्रक्रिया पर फिर से विचार करने की जरूरत है।” केन्द्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि अवैध घुसपैठियों को हर हाल में अपने देश वापस जाना ही होगा।
CBI की कार्रवाई को, 'ख़तरनाक मिसाल क़ायम करने वाला, क़ानूनी पेशे की स्वतंत्रता पर प्रहार' बताया गया है। पत्र में कहा गया है कि जाँच में वकीलों के सामूहिक सहयोग के बावजूद CBI ने अभूतपूर्व क़दम उठाया।
“हर कोई कह रहा था कि मुझे खुद घर छोड़ देना चाहिए वर्ना वे मुझे घर से ज़बर्दस्ती बेदखल कर देंगे। मुझे जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। मैं सुरक्षा की माँग करती हूँ। मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हूँ ऐसे में मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।”
225 सदस्यीय विधानसभा में कॉन्ग्रेस के 79, जदएस के 37, बीजेपी के 105, दो निर्दलीय, एक बीएसपी का विधायक है। इनमें से कॉन्ग्रेस के 13 और जदएस के तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं।