ये सब झालावाड़ जिला के रहने वाले हैं। चोरों ने मंदिर में माता की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़ कर कहा, "हे माँ, हमें माफ़ कर दो। हमसे गलती हो गई कि हमने यहाँ चोरी की।"
106 साल पुराने इस मंदिर का जीर्णोद्धार साल 2021 में भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से किया था। लोग इस मंदिर को बहुलवादी संस्कृति का प्रमाण मानते हैं।
अताबुल की उम्र लगभग 45 साल है। वो बेलहा किराने की दुकान चलाता है। उसके 2 बेटे हैं जो कतर देश में रहते हैं। पुजारी ने स्थानीय हिन्दू से एक जमीन खरीदी थी जिसे अताबुल मियाँ हड़पना चाहता है।
सीतामढ़ी में अब अयोध्या की तरह ही एक नए भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पुराने मंदिर के आसपास की 50 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह निर्णय हाल ही में बिहार कैबिनेट की एक बैठक में लिया गया है।