आज किश्तवाड़ा के दच्छन इलाके में आतंकवादियों ने घात लगाकर पुलिस जवानों पर हमला बोला। जिसमें एक पुलिस के एसपीओ मारे गए जबकि दूसरे एसपीओ जख्मी हो गए। इसके साथ ही आतंकवादियों ने पुलिसजवानों से हथियार भी छीन लिए। सूचना मिलने पर पुलिस जवानों को तुरंत किश्तवाड़ा के जिला अस्पताल पहुँचाया जहाँ डाक्टरों ने जवान खुर्शीद इकबाल को मृत घोषित कर दिया।
आतंकियों को भड़काते हुए ISIS की मैगजीन में लिखा गया था कि कोरोना वायरस आपदा का फायदा उठा कर कश्मीर को 'कब्जे' से मुक्त कराया जाए। मैगजीन में लिखा गया था कि भारत सरकार फिलहाल लोगों को ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने और मेडिकल व्यवस्था करने में लगी हुई है, ऐसे में मौके का फायदा उठा कर हमला कर देना चाहिए।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले में कश्मीर कनेक्शन निकला है। साथ ही इस आतंकी के केरल से जुड़े होने की बात भी सामने आई हैं।
एक बच्ची जो 10 दिन बाद अपना चौथा जन्मदिन मनाने वाली थी, उसे भी आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया। उस पिता पर क्या गुजरी होगी जिसके ऊपर उसकी नन्ही बेटी का शव आकर गिरा होगा।
"भारत में कुछ लोग इनके प्रवेश का विरोध करते हैं। इन्हें नागरिकता देने की बात पर राजनीति साधते हैं। वे चाहते हैं कि आतंकियों को भी नागरिकता दी जाए ताकि वे यहाँ उनका पालन कर सकें और हत्याएँ जारी रख सकें।"
"हमने अदालत के सामने 10 आईडी कार्ड पेश किए थे। वे सभी फर्जी थे। इनमें एक अजमल कसाब का था, बाकी सभी मरे हुए आतंकियों के थे। यह सच है कि सभी आईडी में हिंदू नाम थे। और कसाब ने भी मुंबई की अदालत में बयान दिया था 10 आतंकियों के पास 10 फर्जी आईडी के बारे में। इस तथ्य को हमने कोर्ट में साबित भी किया।"
जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।
भारत में मस्जिदों पर ताले लगे होते हैं, मुस्लिमों को नमाज पढ़ने नहीं दिया जाता है। - ये बातें अजमल कसाब का ब्रेनवॉश करने के लिए उससे कही गई थीं। 26/11 हमले से पहले उसे 1.25 लाख पाकिस्तानी रुपए भी दिए गए, जो उसने अपनी बहन की शादी के लिए...
इस्लामिक आतंकवाद के कारण बीते साल बुर्किना फासो और उससे सटे नाइजर तथा माली में करीब 4000 लोगों की मौत हुई थी। करीब 600,000 लोग मजबूर होकर अपना ही घर छोड़कर भाग चुके हैं।