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Terrorism

आतंकवाद, कुर्बानी… कट्टरपंथियों से डरे बिना खरी-खरी बातें करने वाले इरफान खान

एक डिबेट के दौरान इरफान खान ने इस्लाम और आतंकवाद पर खुलकर राय रखी थी। इसकी वजह से वो कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए थे।

पाकिस्तान के आतंकी कैंपो में फैला कोरोना, संक्रमितों को दवा की जगह हथियार देकर कश्मीर भेजने की तैयारी

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान में आतंकी कैंपों में.....

पाकिस्तान ने 4,000 आतंकियों को किया वॉच लिस्ट से बाहर, मुंबई हमले के मास्टर माइंड का नाम भी शामिल

पाकिस्तान ने यह करनामा FATF की आगामी समीक्षा में ब्लैक लिस्ट होने के डर से किया है।

कश्मीर में भेजने के लिए अफगानिस्तान में आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा था पाकिस्तान, मार गिराए गए

अफगान सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हुई तालिबान से। लेकिन मारे गए आतंकियों में से 10 निकले जैश के। एक जिंदा भी पकड़ा गया।

तबलीगी जमात: आतंकवाद, चरमपंथ और खिलाफत आन्दोलन से जुड़े हैं तार

तबलिगी जमात और दुनिया भर में आतंकवादी कारणों के लिए एक प्रमुख भर्ती एजेंसी है। अधिकांश युवा चरमपंथियों के लिए, तबलीगी जमात में शामिल होना उग्रवाद की राह पर पहला कदम है

अमेरिका 9/11, साबरमती एक्सप्रेस में कारसेवकों को जलाने से लेकर कांधार कांड तक में शामिल थे तबलीगी जमात के ‘उपदेशक’

विकिलीक्स के दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए गए 9/11 आतंकी हमले के कुछ अलकायदा संदिग्ध कई साल पहले दिल्ली स्थित निजामुद्दीन तबलीगी जमात परिसर में रुके थे। वहीं, 2003 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि ये लोग भारत के ग्रामीण इलाकों से शुरू होकर विश्वभर में 'धार्मिक उपदेशक' के नाम पर फैलते गए।

जो आतंकी गाजियाबाद की जेल में था, उसे Pak की कोर्ट ने फाँसी से बचा लिया: कश्मीर-कंधार-पत्रकार का है मामला

खूँखार आतंकी अहमद उमर शेख सईद की फाँसी को 7 साल कैद करने की सूचना मिलने के बाद अमेरिका शांत नहीं है। उसने पाकिस्तान को चेताया है क्योंकि माना जा रहा है कि ISI ने कोर्ट के फैसले के बहाने एक बड़ी साजिश रची है। उमर शेख ने 18 वर्ष पहले अमेरिका के खोजी पत्रकार डेनियल पर्ल को मारा था।

तबलीगी जमात के आतंकवादी संगठनों अलकायदा, तालिबान और कश्मीरी आतंकवादियों से भी संबंध

दुनिया भर में वुहान कोरोना वायरस के प्रसार में अपनी भारी भागीदारी सुनिश्चित करने से पहले तबलीगी जमात से जुड़े लोगों ने आतंकवादी हमलों में नियमित रूप से भाग लिया। 2017 के लंदन ब्रिज हमले में हमलावरों में से एक, यूसुफ ज़ाग्बा को तबलीगी जमात से जुड़ा था। 2005 में लंदन बम धमाकों को अंजाम देने वाले 7/7 आतंकवादियों के सरगना मोहम्मद सिद्दीकी खान और सहयोगी शहजाद तनवीर को भी तबलीगी जमात से जुड़ा था।

LOC से सटे कुपवाड़ा में आतंकियों ने बना रखा था ठिकाना, हथियारों का जखीरा मिला, 6 गिरफ्तार

लश्कर और आईएसआई ने मिलकर बनाया TRF जेके। मकसद उत्तरी कश्मीर में कुछ खास लोगों की हत्या और सुरक्षाबलों पर हमले। लेकिन, यह संगठन अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता उससे पहले ही उसके पूरे मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया है।

हथियारों की ट्रेनिंग लेने Pak जाने वाली थी तानिया परवीन, मदरसों से जुटाती थी लश्कर के लिए मदद

तानिया आइएस की तर्ज पर भारत में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहती थी। उसका सहयोगी मनाजीरुल इस्लाम भी पकड़ा गया है। वह भी तानिया की तरह छात्र है। इस्लाम भी लगातार पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था।

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