इशारा साफ़ था, हमारी हैसियत बन्दूक खरीदने की है, हमने चाहा तो पत्रकारों को मार देंगे। इससे पहले भी लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी की दुहाई देने वाले जेएनयू के छात्रों ने रिपब्लिक भारत के मीडियाकर्मियों से काफी बदतमीजी की थी।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के मुताबिक इस संगठन की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाए जाने की ज़रूरत है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इस संगठन को हथियारबंद होकर पैर-पसारते देर नहीं लगेगी।
सलाहुद्दीन ने कहा कि कश्मीरियों को 'दासता' से मुक्त कराने के लिए अब मजबूत क़दम उठाने का समय आ गया है। उसने कहा कि अगर इसमें कोई भी दिक्कत आती है तो जम्मू कश्मीर में 8 साल के बच्चों से लेकर 80 साल के बूढ़ों तक, सभी को हथियार थमाया जाना चाहिए।
मेहराजुद्दीन को गोली पॉइंट-ब्लैंक पर यानी बेहद करीब से मारी गई है। इस घटना के बाद आतंकित लोगों ने इलाके के काम-धंधे, दुकानें आदि बंद कर दिए हैं। हत्या उनकी दुकान में ही की गई।
जिन खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ़्तार किया गया है, उन्हें पंजाब में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विदेश से फंड मिल रहे थे। हिंदुवादी नेताओं की हत्या सहित किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश दोनों रच रहे थे।
जैश-ए-मोहम्मद ने हमले से संबंधित जानकारी और सूचनाओं के लिए 'डार्क वेब' की तकनीक का सहारा लिया, जिसमें सारी बातें इनक्रिपटेड थीं। कोडवर्ड के सहारे चल रही इस बातचीत को डिकोड कर सुरक्षा एजेंसियों ने...
'कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म 2018' के आँकड़े बताते हैं कि सीपीआई (एम) ने पिछले साल 177 घटनाओं में करीब 311 लोगों की हत्या की। तालिबान, इस्लामिक स्टेट और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों के साथ उसने इस सूची में जगह बनाई है।
पूरी दुनिया में आईएसआईएस की 20 से भी अधिक शाखाएँ सक्रिय हैं। इनमें आईएसआईएस-के सबसे ज्यादा खूँखार है। आईएसआईएस के इस समूह में 4,000 आतंकियों के शामिल होने की आशंका है।
आतंकवादियों ने यह ग्रेनेट हमला उस वक्त किया जब लोग बााज़ार में ख़रीददारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यहाँ लगी रेहड़ियों से लोग फल-सब्ज़ियाँ लेने आते हैं और अक्सर यहाँ भीड़ लगी होती है।
खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार आतंकी कैंप पाकिस्तानी पंजाब के मुरीदके, शाकरगढ़ और नारोवाल में हैं। बताया जा रहा है कि कैंपों में काफी तादाद में पुरुष और महिला रहते हैं और ट्रेनिंग ले रहे हैं।