पिछले एक महीने में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। उनके मददगार रहे दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।। कठुआ से गिरफ्तार आतंकियों से मिले सुराग के आधार पर जैश के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।
एनआईए ने जैश के चारों सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 121A और अनलॉफुल एक्टीविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया है।
जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुँचे। स्कूल में काफी देर तक जाँच-पड़ताल की गई, लेकिन मौके पर कुछ भी संदिग्ध सामान नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि यह काम किसी शरारती तत्व का लगता है।
एजेंसी ने खुलासा करते हुए बताया था कि कोड वर्ड्स POK के नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए FM ट्रांसमिशन के जरिए भेजे जाते हैं। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88) MHz, लश्कर-ए-तैयबा के लिए (ए3) और अल बद्र के लिए (डी 9) बैंड्स रखे गए हैं।
4 साल पहले नवम्बर के महीने में इस्लामिक आतंकी हमला झेलकर फ्रांस ने 40 साल पहले मक्का की मस्जिद बचाने, और इसके अलावा अयातोल्ला खोमैनी को शरण देने की कीमत चुकाई थी।
पुलिस ने बताया कि आतंकी असदुल्लाह शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे कल अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी ट्रांजिट रिमांड माँगी जाएगी।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट में पहले नंबर पर पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को नंबर दो पर रखा गया है। तीसरे नंबर पर दाऊद इब्राहिम है।
खलील अहमद और नाजिम खोखर ने बताया कि रावलपिंडी सैन्य मुख्यालय में उनकी मुलाकात पाक सेना के कुछ बड़े अधिकारियों से कराई गई। इसके बाद कश्मीर में हमले के लिए 7 लश्कर आतंकियों का ग्रुप तैयार किया गया। इनमें 3 अफगानी मूल के आतंकी हैं।