लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
योगी सरकार में हुई भर्तियों के आँकड़े बताते हैं कि मेरिट के आधार पर बड़ी संख्या में OBC अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित पदों पर भी हुआ है। अकेले UPPSC के तहत में 38.41 प्रतिशत भर्तियाँ हुई हैं।
अवध ओझा सर ने US-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का हवाला देते हुए भारत में 'मार-काट' होने की भविष्यवाणी कर दी। और बोला कि ऐसे में वह खुद चीन भाग जाएँगे।
सामाजिक न्याय सुनिश्चित कराने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के मद्देनजर इस तरह की नियुक्तियों की समीक्षा करने और इसमें सुधार लाने की जरूरत है, इसलिए यूपीएससी से लेटरल एंट्री के विज्ञापन को निरस्त करने का अनुरोध किया जाता है।