सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?
योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े संवेदनशील मामलों के जल्दी और पारदर्शी निपटारे के लिए 3 सदस्यों वाली पीठ के निर्माण की घोषणा की है।