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मुस्लिम युवती से प्रेम करने वाले शिवशंकर शुक्ला की ‘आत्महत्या’ के पीछे क्या है राज? धमकी देने वाला दरोगा अजहर जमाल लाइन हाजिर, जानिए- क्या कह रहा परिवार

मृतक के मोबाइल में कथित तौर पर दरोगा की धमकी भरी कॉल रिकॉर्डिंग मिली है जबकि एक सुसाइड नोट और डायरी में लिखे नंबर भी पुलिस को सौंपे गए हैं। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मुस्लिम लड़की से प्रेम करने वाले शिवशंकर शुक्ला ने कथित तौर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। 26 वर्षीय संविदा बिजली लाइनमैन शिवशंकर का शव राजापुर थाना क्षेत्र के भटरी गाँव के नंदू पुरवा के बाहर एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला। परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि लगातार धमकियों, मानसिक प्रताड़ना और एक दरोगा अजहर जमाल के दबाव का नतीजा है। घटना के बाद अजहर जमाल को लाइन हाजिर किया गया है।

मृतक के मोबाइल में कथित तौर पर दरोगा की धमकी भरी कॉल रिकॉर्डिंग मिली है जबकि एक सुसाइड नोट और डायरी में लिखे नंबर भी पुलिस को सौंपे गए हैं। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

’10 साल जेल में सड़ोगे…’: दरोगा अजहर पर धमकाने और पैसे मांँगने का आरोप

मृतक के पिता राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार, सरधुआ बिजली उपकेंद्र में संविदा पर लाइनमैन के रूप में काम करने वाले शिवशंकर शुक्रवार (17 जुलाई 2026) रात ड्यूटी से लौटे थे। कुछ देर बाद वह घर से निकले लेकिन वापस नहीं आए। अगले दिन सुबह उनका शव गाँव के बाहर पेड़ से लटका मिला।

परिजनों का आरोप है कि सरधुवा थाने में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) अजहर जमाल ने शिवशंकर को फोन पर गालियाँ दीं, जेल भेजने की धमकी दी और कहा, “तुम्हारे दिन पूरे हो गए हैं, अब जेल जाने की तैयारी कर लो, 10 साल जेल में ही सड़ोगे।” परिवार का दावा है कि यह बातचीत शिवशंकर के मोबाइल में रिकॉर्ड है और यही ऑडियो वायरल भी हो रहा है। हालाँकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पिता का आरोप है कि कुछ महीने पहले भी इसी दरोगा ने शिवशंकर को थाने बुलाकर धमकाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दरोगा ने समझौते और बचाने के नाम पर पहले 2 लाख रुपए लिए थे और बाद में 3 लाख रुपए की और माँग कर रहा था। परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव ने शिवशंकर को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। वहीं, उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि बेटे की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया हो सकता है।

मृतक के भाई ने कहा, “दरोगा अजहर जमाल बोला था कि मैं तुम्हें उठवा लूँगा। पिछले साल इसने 2 लाख रुपए ले लिए थे और 3 लाख रुपए और माँग रहा था, धमकी दे रहा था।”

8 महीने पुराना प्रेम प्रसंग, मुस्लिम युवती से रिश्ते के बाद शुरू हुआ विवाद

परिजनों के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले शिवशंकर का अर्की गाँव की एक मुस्लिम युवती से प्रेम संबंध था। दोनों एक बार घर से चले भी गए थे। उस समय युवती पक्ष ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस दोनों को बरामद कर लाई और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।

परिवार का आरोप है कि समझौते के बाद भी युवती लगातार शिवशंकर को फोन करती रही। जब शिवशंकर ने इसकी शिकायत युवती के अब्बू से की तो उन्होंने कथित तौर पर सरधुवा थाने में तैनात अपने सजातीय दरोगा अजहर जमाल से संपर्क किया। इसके बाद शिवशंकर को लगातार धमकी भरे फोन आने लगे।

हालाँकि, इस मामले में चित्रकूट के एसपी अरुण कुमार सिंह का पक्ष अलग है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि युवती को वापस लाकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया था और युवती के अब्बू ने सामाजिक मान-मर्यादा का हवाला देते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कराई थी। एसपी के अनुसार, बाद में शिवशंकर अलग-अलग नंबरों से युवती के पिता को फोन कर धमका रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर दरोगा ने फोन पर उसे कड़े शब्दों में डाँटा था। वायरल ऑडियो की भी जाँच कराई जा रही है।

(नोट: वायरल ऑडियो में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है)

सुसाइड नोट, डायरी और 15 नंबरों की सूची: परिवार बोला- इन्हीं लोगों ने बनाया निशाना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवशंकर ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। उसमें उसने लिखा है, “मैंने लड़की के पिता को फोन लगाया था कि तुम्हारी बेटी मुझे फोन कर परेशान करती है, उसकी रिकॉर्डिंग सुन लो। तुम्हारी बेटी मुझे कसम देकर गाँव बुला रही है, अगर मैं आता हूँ और कोई समस्या होती है तो इसके जिम्मेदार तुम और तुम्हारी बेटी होगे।”

पिता के मुताबिक, बेटे की डायरी में 15 ऐसे मोबाइल नंबर लिखे मिले हैं, जिनसे उसे लगातार धमकी भरे फोन आते थे। डायरी में युवती और उसके अब्बू का नंबर भी दर्ज है। परिवार ने यह डायरी और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं।

अजहर जमाल लाइन हाजिर: पुलिस ने क्या कहा?

चित्रकूट पुलिस ने X पर एक विषय में विस्तृत बयान जारी किया है। चित्रकूट पुलिस ने कहा, “इससे पहले मृतक शिवशंकर शुक्ला के विरूद्ध नाबालिक लड़की के पिता के द्वारा 28 अक्टूबर 2025 को स्वयं उपस्थित आकर के कही चले जाने को लेकर प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना स्थानीय थाने के SI अजहर जमाल ने की थी।”

पुलिस ने आगे कहा, “विवेचना के दौरान वादी ने मृतक शिवशंकर शुक्ला का नाम बताया लेकिन साक्ष्य के अभाव में पीड़िता द्वारा दिनाँक 5 नवंबर 2025 को उपस्थित आकर अपना लिखित बयान दिया जिसमें अपने माता पिता से नाराज होकर अपने मौसी के घर जाने की बात कही। बाद में लड़की के नाबालिक होने की स्थिति में पारिवारिक जनों को सुपर्द किया गया। 07 नवंबर 2025 को मुकदमा समाप्त किया गया।”

चित्रकूट पुलिस ने कहा, “फिर से मृतक के पिता के मोबाइल पर फोन कर लड़की से सम्पर्क करने तथा धमकाने का प्रयास किया जिसकी क्षेत्रीय उ0नि0 द्वारा जरिए दूरभाष मृतक को समझाया गया और आगाह किया गया कि न मानने पर जेल जाने की बात कही गयी। मृतक का आचरण सही न होने की वजह से ही बार बार उसका स्थानान्तरण सम्बन्धित विभाग द्वारा किया जा रहा था। ऐसा प्रतीत होता है कि मृतक द्वारा लड़की के प्रेम में पड़कर ही आत्महत्या किया गया है। अजहर जमाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया व सम्पूर्ण प्रकरण की जाँच क्षेत्राधिकारी राजापुर को दी गई है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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