29 जुलाई 2018 को आयोजित यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर एग्जाम से एक दिन पहले आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव ने इसकी शिकायत पश्चिम बंगाल की सीआईडी से की थी।
“यह हमारे संज्ञान में आया है कि मैनपुरी के लोकसभा क्षेत्र में एससी-एसटी लोगों के साथ हिंसा की गई थी, जिन्होंने चुनाव में सपा उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव को वोट नहीं दिया था, उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया और बंदूक से हवाई फायर करके डराया गया। इसी समुदाय के सदस्यों में से एक, बीएसएफ जवान रामनरेश (रिंकू) ने घटनास्थल से भागने के बाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।”
कथित अल्पसंख्यकों के पीड़ित होने पर बड़े-बड़े अक्षरों में उनके नाम प्रकाशित किए जाते है, लेकिन जब वही घटना बहुसंख्यक समुदाय के साथ होती है, तो हेडलाइन में बस 'दूसरे समुदाय' की बात लिख कर खानापूर्ति...
लड़की को पहले अगवा कर मेरठ से देवबंद ले जाया गया, फिर वहाँ जबरन मज़हब बदलवाने के बाद उसे इलाहाबाद ले जाकर निकाह कर दिया गया। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस को किशोरी के साथ ‘शौहर’, शौहर का भाई और जीजा भी बरामद हुए। लड़की 4 मई से...
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से 22 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिसमें से 21 उम्मीदवार ना सिर्फ चुनाव हारे, बल्कि उनकी जमानत भी जब्त हो गई। इन 21 उम्मीदवारों में कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद भी शामिल हैं।
आरोपित जो भी हो उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे होना चाहिए जो मात्र रोजा इफ्तार पार्टी में न बुलाए जाने से आहत होकर तीन मासूमों की जान लेने जैसा जघन्य अपराध कर सकता हो। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
भाजपा कभी भी 200 का आँकड़ा नहीं छू पाएगी और बीजेपी इस वक्त बौखलाई हुई है। इसीलिए वो एग्जिट पोल को अपने पक्ष में दिखाने के लिए सेटिंग कर रही है, ताकि छोटे-मोटे दल उनके साथ खड़े हो सकें।
इन्होंने सीसीटीवी भी लगा रखे हैं। एक अतिरिक्त टेंट में मॉनिटर स्क्रीन लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हर आने-जाने वालों पर गौर किया जा रहा है। नाइट विजन टेक्नोलॉजी और दूरबीन का भी प्रयोग किया जा रहा है।
ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।