योगी आदित्यनाथ ने जिस ऐतिहासिक गलती का जिक्र किया है, वह केवल ज्ञानवापी तक ही सीमित नहीं है। इस्लामी आक्रांताओं ने काशी के कई हिस्सों में मंदिरों को तोड़कर उस पर मस्जिद बनवाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में ASI द्वारा किए जा रहे सर्वे पर रोक लगा दी है। बकौल हिन्दू पक्ष, 'मस्जिद कमिटी' ने झूठ बोला कि वहाँ खुदाई की जा रही है।
सर्वे शुरू हो चुका है। मुस्लिम पक्ष ने इस सर्वे में न शामिल होने का फैसला किया है। जिला प्रशासन पहले ही दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठा कर दे चुका था सूचना।
"औरंगजेब ने ब्राह्मण लड़की को सज-धज कर बुलाने वाले मुस्लिम सेनापति को चीरवा दिया और न्याय किया।" - इस कहानी की आड़ में क्या छिपाया जा रहा है, वो जान लीजिए।