Homeदेश-समाजज्ञानवापी में ASI सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: मुस्लिम पक्ष को अपील...

ज्ञानवापी में ASI सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: मुस्लिम पक्ष को अपील करने के लिए दिया समय, हिन्दू पक्ष ने कहा – झूठ बोला गया कि खुदाई चल रही

हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इसके बाद कहा कि हमलोग भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने 'मस्जिद कमिटी' पर सुप्रीम कोर्ट के सामने गलतबयानी करने का आरोप लगाया।

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में ASI द्वारा किए जा रहे सर्वे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (24 जुलाई, 2023) को आदेश दिया कि वाराणसी की जिला अदालत द्वारा 21 जुलाई को दिए गए आदेश पर 26 जुलाई को शाम 5 बजे तक रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तब तक इस मामले में ‘मस्जिद कमिटी’ इस निर्णय को चुनौती देने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपील के लिए समय दी जानी चाहिए थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शुक्रवार की शाम को ये आदेश सुनाया गया, ऐसे में ‘मस्जिद कमिटी’ को आगे इसके खिलाफ अपील करने के लिए समय नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट ने ‘मस्जिद कमिटी’ को आदेश दिया कि वो कल ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएँ। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी कहा है कि 26 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले इस मामले में सुनवाई की जाए। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने ये फैसला सुनाया।

‘ज्ञानवापी अंजुमन इस्लामिया मस्जिद कमिटी’ ने इस संबंध में तुरंत सुनवाई के लिए याचिका डाली थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया और सुनवाई भी की। हालाँकि, ASI ने कहा है कि अगले हफ्ते तक ज्ञानवापी परिसर में खुदाई का काम नहीं किया जाएगा। वाराणसी जिला अदालत ने खुदाई की अनुमति भी दे दी थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को ASI के रुख के बारे में बताया। आदेश के बाद वाराणसी में शुरू हुआ सर्वे रोक दिया गया है।

हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इसके बाद कहा कि हमलोग भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने ‘मस्जिद कमिटी’ पर सुप्रीम कोर्ट के सामने गलतबयानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने जानकारी दी कि ‘मस्जिद कमिटी’ ने झूठ बोला कि व हाँ खुदाई की जा रही है, जबकि ऐसा कुछ नहीं हो रहा था। बता दें कि ‘मस्जिद कमिटी’ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि पश्चिमी दीवार की खुदाई ASI ने शुरू कर दी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -