इस परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1971 में तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार ने की थी, जिसे पाँच दशक से अधिक का समय हो गया है, लेकिन इस पर काम में तेजी योगी सरकार के दौरान आई है।
इससे पहले अंसारी के करीबी कोयला माफिया एवं त्रिदेव कंस्ट्रक्शन के मालिक उमेश सिंह का भीटी में 10 करोड़ रुपए की लागत से बना चार मंजिला मकान बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था।