Homeदेश-समाजCM योगी का 'मिशन जून': UP के 75 जिलों में इस महीने 1 करोड़...

CM योगी का ‘मिशन जून’: UP के 75 जिलों में इस महीने 1 करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य

“75 जिलों में जून महीने में 90 लाख से 1 करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2100 बूथ बनाए गए हैं जहाँ 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाए जाएँगे जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए 3000 से अधिक टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।“

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जून महीने में राज्य के 75 जिलों में 90 लाख से 1 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। इस वृहद टीकाकरण कार्यक्रम को नाम दिया गया है, ‘मिशन जून’।

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा दी गई सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेशित किया है कि मिशन जून के अंतर्गत समाज के सभी तबकों का टीकाकरण किया जाना चाहिए। ट्विटर के माध्यम से सीएम आदित्यनाथ ने राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू किए जा रहे टीकाकरण महाअभियान की जानकारी दी और लोगों से अपील की कि वो अधिक संख्या में अपनी ‘जीत का टीका’ लें।

सीएम आदित्यनाथ ने लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम की अपनी यात्रा का एक वीडियो भी शेयर किया जहाँ से आज (01 जून) मिशन जून की शुरुआत की गई। सोमवार (31 मई) को एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए सीएम आदित्यनाथ ने कहा, “75 जिलों में जून महीने में 90 लाख से 1 करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2100 बूथ बनाए गए हैं जहाँ 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाए जाएँगे जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए 3000 से अधिक टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।“ सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन जून के अंतर्गत तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रदेश में पर्याप्त टीके हैं।   

सीएम आदित्यनाथ ने यह भी सूचना दी कि पत्रकारों, सरकारी कर्मचारियों और न्यायपालिका के सदस्यों को टीके लगाने के लिए कैंप बनाए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता के टीकाकरण के लिए सभी जिलों में 200 ‘गार्जियन बूथ’ बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि 15 जून से सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों (ड्राइवर, दिहाड़ी मजदूर और रिक्शा चालक इत्यादि) के लिए विशेष टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -