पुलिस और एसटीएफ की टीम कुख्यात अपराधी विकास दुबे के गैंग के सभी गुर्गों पर भी अपनी नज़र बनाए हुए है। इसी क्रम में पुलिस ने अब तक विकास दुबे के पाँच साथियों को अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया है।
विकास दुबे को भगाने के पीछे विनय तिवारी और केके शर्मा का हाथ बताया जा रहा है। इन लोगों ने ही दबिश के दौरान पुलिस की जान खतरे में डाली थी। और उन्हें मरता हुआ छोड़ कर भाग गए थे।
मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर अब इनाम की रकम 5 लाख रुपए कर दी गई है। इससे पहले यह इनाम राशि 2.5 लाख रुपए थी। इनामी रकम की बुनियाद पर अब विकास यूपी का सबसे ज्यादा इनामी मुजरिमी बन गया है।
पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन के चलते 2200 नम्बरों को सर्विलांस पर लगाया है। जिससे मुठभेड़ रात तक मतलब 24 घंटे के भीतर विकास ने जिस भी किसी शख्स से बातचीत की हो उसका पता लगाया जा सके।
विकास दुबे ने गोलियॉं बरसाई तो 7000 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में लगा दिए गए हैं। यही कारनामा कर कभी शहाबुद्दीन एसपी को खुलेआम धमकी देता रहा और सरकार सोई रही।