Wednesday, July 24, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपहले उइगर औरतों के साथ एक ही बिस्तर पर सोए, अब मुस्लिमों की AI...

पहले उइगर औरतों के साथ एक ही बिस्तर पर सोए, अब मुस्लिमों की AI कैमरों से निगरानी: चीन के दमन की जर्मन मीडिया ने खोली पोल, सूअर का माँस तक खिला चुका है

एआई के जरिए चीन के सुरक्षाकर्मी ये पहचानने का प्रयास करते हैं कि उइगर विशेष रूप से कहाँ-कहाँ हैं और वो किसके संपर्क में आते हैं। जुहूई में अकेल 3700 कैमरे इस संबंध में निगरानी कर रहे हैं जो तस्वीरें लेते हैं और प्रशासन को सचेत रखते हैं।

चीन का सुरक्षा प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों की मदद से उइगर ( अधिकांश मुस्लिमों) पर नजर बनाए हुए है। ये खुलासा जर्मन मीडिया के आउटलेट टेबल.मीडिया ने किया है। टेबल मीडिया के अनुसार जिस दस्तावेज के आधार पर वो ये बता रहे हैं वो दस्तावेज उन्हें शंघाई, झेजियांग प्रांत के विभिन्न शहरों तथा दक्षिण-पश्चिमी महानगर चेंगदू के पुलिस विभागों से प्राप्त हुए हैं। इनसे पुष्टि होती है कि एआई कैमरों के माध्यम से उइगरों पर निगरानी रखी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, प्राप्त दस्तावेज पिछले 6 सालों के हैं जिनमें सबसे हालिया 2023 का है। ये बताता है कि उइगरों के चेहरा एआई कैमरों की जरिए पहचानने के लिए प्रयास चल रहे हैं। इस दस्तावेज के मुताबिक राज्य में वर्षों से उइगरों की पहचान के लिए ऐसी कोशिशें हो रही हैं क्योंकि इस समुदाय के लिए चीन के मन में अब भी बहुत सी आशंकाएँ हैं।

इस मामले में वुर्जबर्ग विश्वविद्यालय के झिंजियांग विशेषज्ञ ब्योर्न अल्परमैन कहते हैं कि ‘उल्लेखित’ दस्तावेजों से साफ पता चलता है कि चीनी सुरक्षा अधिकारी व्यवस्थित रूप से उइगरों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करते हैं और उन्हें दोयम दर्जे के नागरिक की तरह उनके साथ बर्ताव करते हैं।

बता दें कि एआई कैमरों के जरिए चीन के सुरक्षाकर्मी ये पहचानने का प्रयास करेंगे कि उइगर विशेष रूप से कहाँ-कहाँ हैं और वो किसके संपर्क में आते हैं। जुहूई में अकेल 3700 कैमरे इस संबंध में निगरानी कर रहे हैं जो तस्वीरें लेते हैं और प्रशासन को सचेत रखते हैं। निगरानी के दौरान चेहरे की तस्वीर और उसका पूरा डेटा आता है। चश्मा लगाए लोग और दाढ़ी बढ़ाकर भी कोई इन चीजों से नहीं बच सकता। एआई इस डेटा को कलेक्ट करके सारी इन्फॉर्मेशन निकालता है और फिर उनसे जुड़ी सारी जानकारी चीन के सुरक्षा अधिकारियों को देता है। फिलहाल जुहूई में ये सिस्टम14 पुलिस थानों, डिटेंशन सेंटर और ट्रैफिक पुलिस कार्यालयों में प्रयोग हो रहा है।

गौरतलब है की चीन में उइगर मुस्लिमों को खतरे की तरह देखा जाता है। इसके संबंध में 2019 से खबरें आ रही हैं कि चीन उइगर मुस्लिमों में से कट्टरपंथ निकालने के नाम पर डिटेंशन सेंटर में डालता है और वहाँ उन्हें अनगिनत प्रताड़नाएँ दी जाती हैं। कई विदेशी मीडिया इस मुद्दे पर रिपोर्ट भी कर चुके हैं, लेकिन चीन के खिलाफ आवाज उठाने का काम कोई इस्लामी मुल्क नहीं करता है।

इस समय चीन में जब हर विरासत का चीनीकरण करने के काम हो रहा है, तब मस्जिदों पर भी हथौड़े चलाकर उसके मीनार और गुंबद तोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं पर भी अत्याचार होते हैं। पुरानी रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे चीन में सुरक्षाकर्मी पुरुषों को डिटेंशन सेंटर में डालकर महिलाओं के साथ हमबिस्तर होने चले जाते थे। इसके अलावा महिलाओं की वहाँ जबरन नसबंदी करा दी जाती थी और शराब पिलाने और पोर्क खिलाने का काम भी होता था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -