अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।
तालिबान ने पहले ही चीन को आश्वासन दे दिया था कि वो शिनजियांग के मुस्लिमों में बढ़ते कट्टरपंथ को लेकर चुप रहेगा। साथ ही चीन जो उइगर मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, उस पर भी वो कुछ नहीं बोलेगा।
"वीडियो में आप देख सकते हैं कि कंधारी कॉमेडियन खाशा का पहले तालिबानी आतंकियों ने अपहरण किया। फिर इसके बाद आतंकियों ने उन्हें कार के अंदर कई बार थप्पड़ मारे और अंत में उनकी जान ले ली।"
तालिबानी आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के ज्यादातर इलाकों में कब्जा कर लिया है। वह यहाँ निर्दोष लोगों को मार रहे हैं। जिन लोगों को गोलियों से छलनी किया उन्होंने अफगान सरकार का समर्थन किया था।
संगठन ने दावा किया कि मार्च 2020 में काबुल में गुरुद्वारा श्री गुरु हर राय साहिब पर आत्मघाती हमले के बाद जो हिंदू और सिख भारत चले गए हैं, उनके पास पुनर्वास का कोई विकल्प नहीं है।