Thursday, September 24, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय दुआ करें! इन्हें कठमुल्लों की नजर ना लगे...

दुआ करें! इन्हें कठमुल्लों की नजर ना लगे…

"संगीत को हराम मानते हैं। महिला कलाकारों को तो सड़कों पर जिंदा जला देते हैं। पत्थरों से मार-मार कर हत्या कर देते हैं। मुझे हर रोज डर लगता था कि घर वाले मेरा स्कूल जाना बंद न करवा दें। मेरी शादी न करवा दें।"

नागरिकता संशोधन विधेयक कानून बन गया है। इसकी वजह से तीन देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान बहस के केंद्र में हैं। कभी सांस्कृतिक और वैचारिक तौर पर खुला मुल्क रहा अफगानिस्तान जब तालिबानी कठमुल्लों के शिकंजे में आया तो दड़बे में बदल गया। अल्पसंख्यकों की तो छोड़िए, बहुसंख्यक मुसलमानों पर भी तमाम तरह की बंदिशें थी। लेकिन, तालिबान के पतन के साथ ही अफगानिस्तान में बदलाव की हल्की-हल्की बयार बहने लगी है।

जिस देश में कुछ साल पहले तक संगीत हराम था, महिलाओं का बेपर्दा होना गुनाह था, आज वहॉं महिलाओं का एक पूरा ऑर्केस्ट्रा खड़ा हो गया है। लंदन से लेकर सिडनी तक उसकी धुनें सुनी जा रही है। यह ग्रुप है जोहरा।अफगानिस्तान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक ने 2015 में इसकी शुरुआत की थी। एक ऐसे देश में जहाँ औरतों को तालिबानी नियमों से हटकर कुछ भी करने पर पत्थर मार-मार कर खत्म करने का कानून रहा हो, ‘जोहरा’ की नींव बदलाव की बासंती बयार जैसी है।

तालिबान के डर से ऊपर उठी अफगान महिलाएँ

1996 से 2001 के बीच तालिबान के शासन में संगीत और लड़कियों को पढ़ाने, दोनों पर ही प्रतिबंध था। लेकिन, फिर भी अहमद सरमस्त ने लीक से परे हिम्मत जुटाई और अफगानिस्तान राष्ट्रीय संगीत संस्थान की स्थापना 2010 में की। इसकी सबसे पहली खासियत ये रही कि कट्टरता में जकड़े अफ्गानिस्तान में ये इकलौता संस्थान ऐसा है जहाँ लड़के और लड़कियाँ एक साथ पढ़ते हैं। इसी ने बाद में पहले महिला ऑर्केस्टा ‘जोहरा’ को जन्म दिया। इस समूह ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान परफॉर्म कर अपने देश के कई मिथ्यों को तोड़ा। ग्रुप की 30 लड़कियों ने लंदन जाकर परफॉर्म किया।

अफगानिस्तान जैसे मुल्क में हुई ये बदलाव की हवा निश्चित ही आवश्यक थी। लेकिन कहा जाता है न कुरीतियों के प्रभाव से निकलने में बहुत कुछ झेलना पड़ता है, तो इस ऑर्केस्टा के शुरुआती समय में कुछ ऐसा ही हुआ। ग्रुप की कुछ लड़कियों को अपने ही परिवार का बहिष्कार झेलना पड़ा। इस सिम्फनी की दो कंडक्टरों में से एक नेगिन के पिता तो उनका साथ देते हैं। लेकिन उनके अलावा पूरा परिवार संगीत सीखने और ऑर्केस्ट्रा में शामिल होने के खिलाफ था। वह बताती हैं कि उनके कई रिश्तेदारों ने इसी वजह से उनके पिता से अपने संबंध तक तोड़ लिए।

संगीत में डूबी ‘जोहरा’ से जुड़ीं कलाकार
- विज्ञापन -

इन महिलाओं के मजबूत इरादों का प्रतिबिंब बन खड़ा हुआ ये ऑर्केस्टा टूटा नहीं। जैसा कि ऊपर जिक्र किया कि ‘जोहरा’ ने अपनी पहली विदेशी परफॉर्मेंस स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक फोरम के दौरान दी। इसके बाद स्विट्जरलैंड और जर्मनी के चार अन्य शहरों में भी उन्होंने अपने संगीत का जादू बिखेरा। धीरे-धीरे पारंपरिक परिधानों में सजी इन लड़कियों के संगीत की महक पूरी दुनिया में फैल गई। ये ऑर्केस्टा पारंपरिक अफगान और पश्चिमी शास्त्रीय संगीत बजाता और लोग मुग्ध होकर इन्हें सुनते!

इस ऑर्केस्टा में 12 साल से 20 साल तक उम्र की 30 से ज्यादा लड़कियाँ हैं। इसका नाम “फारसी साहित्य में संगीत की देवी कही जाने वाले जोहरा के नाम पर रखा है।”

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सरमस्त ने इस ऑर्केस्टा को खड़े करने के लिए बहुत जोखिम उठाए। प्रतिबंधों के बीच उम्मीद की लौ जलाने की लड़ाई बेहद मुश्किल थी। एक बार तालिबान के हमले में मरते-मरते बचे। दरअसल, 2014 में एक कंसर्ट के दौरान तालिबान के आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस घटना में सरमस्त घायल हो गए थे, जबकि दर्शकों में शामिल एक जर्मन व्यक्ति की जान चली गई थी ।

इस ग्रुप की संयोजक जरीफा अबीदा भी यहाँ तक पहुँचने के बाद संघर्षों को याद करती हैं तो मन सिहर जाता है। जरीफा ने आपबीती बयां करते हुएबताया, “अफगानिस्तान एक ऐसा देश जहाँ औरतें जो संगीतकार, आर्टिस्ट या कंडक्टर हैं, उन्हें तालिबानी सड़कों पर जिंदा जला देते हैं या फिर पत्थरों से मार-मार कर हत्या कर देते हैं। मुझे हर रोज यह डर सताता था कि घर वाले मेरा स्कूल जाना बंद करवाकर मेरी शादी न करवा दें। 2014 में मैंने संगीत स्कूल एएनआईएम में दाखिला लिया। इस बारे में परिवार को भी नहीं बताया। हमारे यहाँ म्यूजिक सीखने वाली लड़कियों से लोग बेहतर सुलूक नहीं करते हैं।”

अफगानिस्तान की संगीत की विरासत 1000 साल पुरानी है। 1979 के सोवियत से लेकर 2001 तक के तालिबानी पहरे ने इस विरासत को जमींदोज करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान इस मुल्क की महिलाओं ने, कलाकारों ने, संगीतकारों ने कई बार तालिबानी बर्बरता झेली। लेकिन आज अहमद, जरीफा और नेगिन के हौसले से इस विरासत की गूँज फिर से सुनाई पड़ रही है।

यकीनन, अफगानिस्तान में तालिबान का प्रभाव पूरी तरह खत्म अब भी नहीं हो पाया है। लेकिन उसके जख्मों पर ‘जोहरा’ का संगीत मरहम जैसा ही है। दुआ करिए बदलाव की बयार बनी जोहरा की बेटियों को फिर से कठमुल्लों की नजर न लगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महिलाओं को समानता, फिक्स्ड टर्म रोजगार, रिस्किलिंग फंड सहित मोदी सरकार द्वारा श्रम कानून में सुधार के बाद उठ रहे 5 सवालों के जवाब

मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।

दिल्ली दंगों की प्लानिंग का वॉट्सऐप चैट, OpIndia के हाथ आए एक्सक्लुसिव सबूत से समझिए क्या हुआ 24 फरवरी को

अथर नाम का आदमी डरा हुआ है और सलाह दे रहा है कि CAA-समर्थक ग्रुप और पुलिस काफी सख्ती दिखा रही है, इसलिए नुकसान हो सकता है और...

‘ऑपरेशन दुराचारी’ के तहत यौन अपराधियों के सरेआम चौराहों पर लगेंगे पोस्टर: महिला सुरक्षा पर सख्त हुई योगी सरकार

बलात्कारियों में उन्हीं के नाम का पोस्टर छपेगा जिन्हें अदालत द्वारा दोषी करार दिया जाएगा। मिशन दुराचारी के तहत महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मा दिया जाएगा।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

प्रचलित ख़बरें

नेपाल में 2 km भीतर तक घुसा चीन, उखाड़ फेंके पिलर: स्थानीय लोग और जाँच करने गई टीम को भगाया

चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर कब्जा करने का ताजा मामला हुमला जिले में स्थित नामखा-6 के लाप्चा गाँव का है। ये कर्णाली प्रान्त का हिस्सा है।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

महिलाओं को समानता, फिक्स्ड टर्म रोजगार, रिस्किलिंग फंड सहित मोदी सरकार द्वारा श्रम कानून में सुधार के बाद उठ रहे 5 सवालों के जवाब

मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में 6 हिंदू मंदिरों पर हुए हमले, क्या यह सब जगन रेड्डी सरकार की मर्जी से हो रहा: TDP नेता ने लगाए...

राज्य में हाल ही में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ बढ़ रही हैं। अभी कुछ दिन पहले कृष्णा जिले के वत्सवई मंडल में मककपेटा गाँव में ऐतिहासिक काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर के अंदर नंदी की मूर्ति को कुछ बदमाशों ने खंडित कर दिया था।

अक्षरधाम मन्दिर हमला: 18 साल पहले जब 2 आतंकवादियों ने हमारी आस्था पर किया था प्रहार

इस हमले में 30 श्रद्धालुओं, एक राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी व एक कमांडो ने अपनी जान की आहुति दी थी। गंभीर रूप से घायल एक और कमांडो ने...

दिल्ली दंगों की प्लानिंग का वॉट्सऐप चैट, OpIndia के हाथ आए एक्सक्लुसिव सबूत से समझिए क्या हुआ 24 फरवरी को

अथर नाम का आदमी डरा हुआ है और सलाह दे रहा है कि CAA-समर्थक ग्रुप और पुलिस काफी सख्ती दिखा रही है, इसलिए नुकसान हो सकता है और...

टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियाँ देती हैं ऑफर, पार्टियों में ट्रे में लेकर घूमते हैं ड्रग्स: मुकेश खन्ना और शिल्पा शिंदे ने किए कई चौकाने वाले...

टैलंट मैनेजमेंट कम्पनियाँ जब किसी आर्टिस्ट को देश के बाहर ले जाती हैं तो उसकी हर जरूरत का ख्याल रखती हैं और क्लाइंट भी उन्हें जॉइन करने से पहले मिलने वाली 'सुविधाओं' के बारे में पूछते हैं।

‘ऑपरेशन दुराचारी’ के तहत यौन अपराधियों के सरेआम चौराहों पर लगेंगे पोस्टर: महिला सुरक्षा पर सख्त हुई योगी सरकार

बलात्कारियों में उन्हीं के नाम का पोस्टर छपेगा जिन्हें अदालत द्वारा दोषी करार दिया जाएगा। मिशन दुराचारी के तहत महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मा दिया जाएगा।

भड़काऊ भाषण के लिए गए थे कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, कविता कृष्णन: दिल्ली दंगो पर चार्जशीट में आरोपित ने किया बड़ा खुलासा

“एक व्यक्ति को सिर्फ गवाही के आधार पर आरोपित नहीं बना दिया जाता है। हमारे पास लगाए गए आरोपों के अतिरिक्त तमाम ऐसे सबूत हैं जिनके आधार पर हम अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहे हैं।”

‘क्रिकेटरों की बीवियों को लेते देखा है ड्रग्स’- शर्लिन चोपड़ा का दावा, बॉलीवुड के बाद अब IPL पार्टी में ड्रग्स का खुलासा

मॉडल और अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ड्रग्स सिर्फ बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं है। क्रिकेट की दुनिया में भी इसका बराबर चलन है, उन्होंने आईपीएल के दौरान........

दिल्ली दंगा: UAPA के तहत JNU के पूर्व छात्रनेता उमर खालिद को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी हिंसा से संबंधित एक मामले में 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है।

ड्रग्स और बॉलीवुड: बड़े सितारों की चुप्पी बहुत कुछ कहती है – अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti speaks on Silent Bollywood and...

बॉलीवुड के नशेड़ियों को सही साबित करने के लिए भगवान शिव पर एक टिप्पणी आई है और इसके जरिए ड्रग सेवन को सही साबित करने का प्रयास हुआ है।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,005FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements