रजनीकांत के अयोध्या आगमन पर आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इससे उत्तर और दक्षिण के संबंध जुड़ेंगे। हनुमानगढ़ी में पुजारियों ने उन्हें तिलक लगाया, प्रसाद स्वरूप माला पहनाई।
तीर्थ क्षेत्र भवन रामकोट में ऋग्वेद, साम वेद, कृष्ण यजुर्वेद, शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों की आहुतियाँ दी जा रही हैं। वाल्मीकि रामायण व श्रीमद्भागवत का भी पाठ हो रहा है।