डोडा से मजदूरों को हिमाचल प्रदेश ले जाने वाला मुश्ताक पेशे से ठेकेदार है। शिमला में उसका संपर्क नदीम से हुआ था और उसने उसे हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार किया। इतना ही नहीं, मुश्ताक कई अन्य युवकों को भी हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार कर रहा था।
26 दिसंबर 2018 को NIA ने अमरोहा में छापा मारकर आतंकी संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के कथित सरगना मुफ्ती सुहैल के साथ दो सहे भाईयों सईद व रईस तथा मुहल्ला पचदरा के निवासी और आटो चालक इरशाद को भी गिरफ्तार किया था।
वीडियो में एक बुजुर्ग लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों से आतिफ मीर को रिहा करने की अपील कर रहा है। वो आतंकियों से कहता है कि वो जो कुछ भी कर रहा है, वो ‘जिहाद’ नहीं, ‘जहालत’ है।
न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) ने 7 मार्च 2019 को अपनी एक ख़बर में लिखा था कि संयुक्त राष्ट्र ने मुंबई हमलों के सरगना हाफ़िज़ सईद का नाम प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से हटाने की याचिका ख़ारिज कर दी।