“हम अपने बुजुर्गों की शान में की गई गुस्ताखी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये यहाँ पर रखा क्यों गया है? 10 लाख- 15 लाख, जितने भी रुपए का है ये, हम तत्काल देंगें, यहीं पर।"
इसमें कई प्रकार की मिट्टी की मूर्तियाँ, माइक्रोलिथ, मनके एवं प्रस्तर, लोहे, हड्डी और हाथी दांत से बने उपकरण, मृदभांड और बहुमूल्य पत्थर बरामद किए गए हैं।