इसके पीछे 2 सबसे स्पष्ट कारण नज़र आते हैं। पहला, राम मंदिर और दूसरा, विकास दुबे का एनकाउंटर। इन दोनों ही मुद्दों पर राजनीति कर सपा-बसपा ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है।
“जिस दिन मुझे इस तरह का कोई आमंत्रण आ गया उस दिन सेक्युलरिज्म खतरे में आ जाएगा। और मैं ऐसा बिलकुल नहीं चाहता कि धर्म निरपेक्षता पर किसी भी तरह का ख़तरा हो"