आरटीआई कार्यकर्ता विवेक पांडे द्वारा दायर एक आरटीआई में यह पता चला कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अगस्त 2020 के अंतिम सप्ताह में पीएम को एक पत्र लिखा और अप्रैल 2021 के पहले सप्ताह तक उनसे संवाद नहीं किया।
अमित मालवीय ने कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने का दावा करने वाली BMC के ‘मुंबई मॉडल’ पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मुंबई मॉडल’ और कुछ नहीं बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण से हुई मौतों पर पर्दा डालना है।
देवेन्द्र फडणवीस ने अपने पत्र में मुंबई में कम टेस्टिंग का आरोप लगाते हुए कहा की मुंबई में रोजाना 1 लाख आरटी-पीसीआर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है जबकि यहाँ मात्र 34,000 टेस्ट ही रोजाना की जा रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने इस साल जनवरी में यह सोचते हुए कि कोविड-19 संकट खत्म हो गया है एक दिन की बर्खास्तगी की सूचना के साथ 25 फीसदी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को हटा दिया।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह दावा किया कि वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण 20 मई तक 18 वर्ष से अधिक लोगों के लिए टीकाकरण शुरू नहीं हो पाएगा लेकिन केंद्र ने जानकारी दी है कि राज्य में अभी भी वैक्सीन के 1 करोड़ डोज उपलब्ध हैं।