कथित रूप से मंदिर में यीशु और मैरी की तस्वीर लगाने और उनकी पूजा करने के लिए अंजनेय स्वामी मंदिर के पुजारी पर दबाव बनाया गया है। जबकि अब नई सूचनाओं के आलोक में यह दावा गलत साबित हुआ है।
कलीम पाशा की पत्नी इरशाद बेगम कॉन्ग्रेस पार्टी की पार्षद हैं। इस हिंसा के पीछे PFI समर्थित संगठन SDPI और कॉन्ग्रेस के गठजोड़ की आशंका भी जताई जा रही है क्योंकि कलीम पाशा के कॉन्ग्रेस से बहुत अच्छे संबंध हैं।
बेंगलुरु में हुए दंगों के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है उसमें 7वां नाम कॉन्ग्रेस पार्षद इरशाद बेगम के पति कलीम पाशा का है।
अब्दुल आग लगाएगा, फिर ह्यूमन चेन बनाएगा, फिर फोटो भी खिंचवाएगा, फिर अच्छा अब्दुल कहलाएगा! पर अब्दुल भाई ये तो बोलो, अपने दिल के राज तो खोलो, मंदिर को बचा रहे थे किस से? जलाने वाले थे किस मजहब के!