हिन्दुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और पाकिस्तान की कंगाली ने कश्मीर के जिहादियों को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। मुश्किल यह है कि अब उनके पास लड़ने के लिए हथियारों की कमी होती जा रही है और...
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की बेटी ने दावा किया है कि उनकी माँ समेत बहुत से नेता केवल केंन्द्र सरकार का शांति बनाए रखने वाले बॉन्ड न भरने के कारण अभी भी नज़रबंद हैं। उन्होंने बॉन्ड के औचित्य और...
केंद्र ने ₹2,000 करोड़ के एक "वन-टाइम सेटेलमेंट" पैकेज की घोषणा की थी। उसे भी यह शरणार्थी इसलिए नहीं ले पाए क्योंकि उनके पास डोमिसाइल सर्टिफ़िकेट नहीं था। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 1.5 लाख परिवार, यानी 10 लाख शरणार्थी आज भी शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं।
सरकार कॉन्ग्रेस के साथ कोई सहयोग नहीं कर रही है, जबकि पार्टी ने चुनाव के समय और राज्य के हालात को लेकर शंकाओं के बावजूद सरकार के साथ सहयोग की इच्छा प्रकट की थी।
पाकिस्तान ने हिन्दुओं की आस्था का एक बार फिर से अपमान किया है। पाकिस्तान की सरकार ने एक हिन्दू दम्पति को PoK स्थित माँ शारदा पीठ के दर्शन के लिए अनुमति तो दे दी लेकिन मन्दिर में जाने से रोक दिया। उन्हें मन्दिर के पास की नदी में ही पूजा-अर्चना कर लौटना पड़ा।
सुमैरा फारूख, एक बिजनेसवुमैन होने के साथ ही एक पत्रकार भी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के भारत के फैसले के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को एक बात सच-सच बताना है कि इसका केवल एक ही समाधान है, और वो है जिहाद। कोई विरोध नहीं, कुछ भी नहीं, बस जिहाद।
जिहादी भारत की ज़मीन पर यहूदियों को मार कर इज़राइल को 'सबक' सिखाना चाहते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस सूचित कर दिया है, ताकि जिहादी मंसूबों को कामयाब होने से रोका जा सके।
"पाकिस्तान को यह मानना होगा कि उन्होंने जो मॉडल अपने लिए बनाया है, वह काम नहीं कर रहा है। आप जिहाद को सरकारी तंत्र की वैधता-प्राप्त नीति नहीं बना सकते।"
इन “Coalition partners” की खोजबीन में सबसे पहला कनेक्शन जो निकल कर सामने आता है, वह है दुनिया के सबसे क्रूर, जिहादी, मानवाधिकार के भक्षक देशों में से एक पाकिस्तान का है। कुछ मामलों में तो यह कनेक्शन भी भी सेना की गोद में बैठे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI से सीधा-सीधा निकलता है।