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गुजरात के एक और कॉन्ग्रेसी विधायक का इस्तीफ़ा, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में राज्य के विकास के लिए किए गए किसी काम पर कॉन्ग्रेस पार्टी ने गौर नहीं किया

दौपद्री वस्त्रहरण का पोस्टर लगवाने वाले कॉन्ग्रेसी नेता बताएँगे कि ‘महिला सशक्तिकरण’ क्या है?

कॉन्ग्रेसी नेताओं द्वारा तेलंगाना में चुनाव आयोग पर निशाना साधने के लिए एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें दौपद्री का वस्त्रहरण किया जा रहा था। पोस्टर के माध्यम से तेलंगाना में लोकतंत्र को द्रौपदी और धृतराष्ट्र को चुनाव आयोग के रूप में कॉन्ग्रेस द्वारा प्रदर्शित किया गया था।

इंदौर के किसान संजय का कहना है: ‘प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना’ ने उनकी ज़िन्दगी बदल दी

इंदौर के किसान संजय कहते हैं कि वह 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' से अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

₹5 में भर पेट खिलाने वाली कॉन्ग्रेस बोल रही है कि ₹6 हजार से किसानों का क्या होगा!

किसान यह समझता है, भले ₹13 का ऋण माफ़ी देने वाले राहुल न समझें, कि ये पैसे उनकी बीड़ी के लिए नहीं है। वो जानते हैं कि इतने पैसों में बुआई के समय वो खेत में बीज रोप सकते हैं।

बजट 2019: मोदी सरकार का ‘मास्टर स्ट्रोक’, जनता ताली पीट रही है और विपक्षी छाती पीट रहे

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में पेश बजट को खिसियाने अंदाज में भाजपा का चुनावी घोषणापत्र बता दिया। लेकिन वह भूल गए कि सरकार के इस फ़ैसले से करीब 3 करोड़ लोगों की जिंदगी आसान हो जाएगी।

राहुल-चिदंबरम के आँकड़े में लोचा, ₹7 लाख करोड़ से भी ज्यादा का वित्तीय भार पड़ेगा सरकार पर

गरीबों को न्यूनतम आय देने वाली यह योजना अगर अस्तित्व में आती है तो सरकार पर वित्तीय भार बढ़ जाएगा। क्योंकि पहले से ही सरकार गरीबों को सब्सिडी दे रही है और कई राज्यों ने किसान कर्ज़माफ़ी भी शुरू कर दी है।

गरीबों को गारंटी करके न्यूनतम आमदनी देंगे: राहुल गाँधी का ‘ऐतिहासिक निर्णय’

शुरुआत के लिए उन्हें राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू करना चाहिए, और फिर लोगों को समझाना चाहिए कि ये करना भी है, तो कॉन्ग्रेस की तरह करो।

कमलनाथ के कैबिनेट मंत्री ने 3 चुनाव में 3 हलफ़नामे दायर किए, सभी में दी अलग-अलग जानकारी

ऐसे में साफ़ ज़ाहिर है कि मंत्री ने अपनी शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जो जानकारी तीन अलग-अलग हलफ़नामें में दी है, वह हर जगह सही नहीं है।

वरुण गाँधी के कॉन्ग्रेस में शामिल होने की अटकलें, राहुल गाँधी ने कहा – पता नहीं

राहुल गाँधी ने कहा, "मैंने ये अटकलें नहीं सुनी हैं, मुझे इस बात की फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं है।"

उत्तेजित मीडिया मोशाय, शांत हो जाइए; प्रियंका कभी अपने ही गढ़ में फेल हो चुकी हैं

2012 में 15 दिनों से भी ज्यादा दिन के गहन प्रचार-प्रसार के बाद प्रियंका ने अकेले अपने दम पर अमेठी-रायबरेली में कॉन्ग्रेस के सीटों की संख्या 7 से 2 पहुँचा दी थी।

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