"नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, उनकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी एक Health ID में समाहित होगी।"
वामपंथियों के पाखंड और दोहरे रवैये का अंदाजा इस बात से भी लग सकता है कि उन्हें यह तिरुपति वायरस का ट्रेंड चलाने में इतनी उत्सुकता है कि वह वास्तविक जानकारी भी नहीं जानना चाहते।
5 अगस्त यानी 8 दिन पहले महंत नृत्य गोपाल दास प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन में शामिल हुए थे। इसके साथ उन्होंने उनके साथ मंच भी साझा किया था।
कोविड-19 केस की 72 घंटे में पहचान और ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के जरिए हम इस बीमारी को मात दे सकते हैं। पीएम के साथ बैठक में आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के सीएम शामिल हुए।