Tuesday, October 19, 2021
Homeदेश-समाज'किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़े ही है' के शायर राहत इंदौरी का निधन,...

‘किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़े ही है’ के शायर राहत इंदौरी का निधन, इंटरनेट पर प्रशंसक सदमे में

कोरोना संक्रमण के कारण राहत इंदौर को आज सुबह ही अस्पताल में भर्ती किया गया था और इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने फेसबुक अकाउंट पर भी दी थी। शाम को अचानक उन्हें तीन दिल के दौरे आए और उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। डाक्टरों के अनुसार दोनों फेफड़ों में........

मशहूर शायर डॉ राहत इंदौरी का कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मंगलवार (अगस्त 11, 2020) निधन हो गया है। उनका कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद वे इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती हुए थे। राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

मंगलवार सुबह ही राहत इन्दौरी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था – “कोविड के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है। ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूँ। दुआ कीजिए जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूँ। एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी।”

कोरोना संक्रमण के कारण राहत इंदौर को आज सुबह ही अस्पताल में भर्ती किया गया था और इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने फेसबुक अकाउंट पर भी दी थी। शाम को अचानक उन्हें तीन दिल के दौरे आए और उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। डाक्टरों के अनुसार दोनों फेफड़ों में कोरोना का संक्रमण, किडनी में सूजन थी और साँस लेने में तकलीफ होने के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे।

राहत इंदौरी मशहूर शायर थे। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। उनकी एक मशहूर शायरी ‘सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है’ प्रगतिशील युवाओं के बीच ख़ास तौर पर लोकप्रिय रही है। खासकर CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान और मोदी सरकार के विरोध में ये पंक्तियाँ खूब इस्तेमाल की गई हैं।

राहत इंदौरी के निधन के समाचार से सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसक बेहद हैरान हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर उनकी मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए लिखा है – “राहत इंदौरी नहीं रहे। प्रभु उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सहिष्णुता और शांति का स्तर ऊँचा कीजिए’: हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर जिस कर्मचारी को Zomato ने निकाला था, उसे CEO ने फिर बहाल...

रेस्टॉरेंट एग्रीगेटर और फ़ूड डिलीवरी कंपनी Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने उस कर्मचारी को फिर से बहाल कर दिया है, जिसे कंपनी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर निकाल दिया था।

बांग्लादेश के हमलावर मुस्लिम हुए ‘अराजक तत्व’, हिंदुओं का प्रदर्शन ‘मुस्लिम रक्षा कवच’: कट्टरपंथियों के बचाव में प्रशांत भूषण

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के नरसंहार पर चुप्पी साधे रखने के कुछ दिनों बाद, अब प्रशांत भूषण ने हमलों को अंजाम देने वाले मुस्लिमों की भूमिका को नजरअंदाज करते हुए पूरे मामले में ही लीपापोती करने उतर आए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,963FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe