Tuesday, October 19, 2021
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कोरोना संकट: PM ने राज्यों से की टेस्टिंग बढ़ाने की अपील, बोले- अपनाएँ 72 घंटे वाला फॉर्मूला, देश जीत जाएगा

पीएम ने कहा कि देश में ऐक्टिव केस 6 लाख से ज्यादा हो चुके हैं। इनमें से ज्यादा मामले हमारे इन 10 राज्यों में ही है। इसीलिए हम समीक्षा के लिए बैठे हैं। आज की चर्चा से हमें एक-दूसरे के अनुभवों से काफी कुछ सीखने को मिला। एक बात निकलकर आया है कि अगर हम मिलकर अपने इन 10 राज्यों में कोरोना को हरा देते हैं, तो देश भी जीत जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच मंगलवार (अगस्त 11, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 राज्यों के सीएम के साथ बैठक की। पीएम ने बैठक में इन राज्यों को कोरोना से जीतने का मंत्र दिया।

उन्होंने कहा कि अगर ये 10 राज्य कोरोना को हरा दें तो देश जीत जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 केस की 72 घंटे में पहचान और ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के जरिए हम इस बीमारी को मात दे सकते हैं। पीएम के साथ बैठक में आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के सीएम शामिल हुए।

पीएम ने कहा कि देश में ऐक्टिव केस 6 लाख से ज्यादा हो चुके हैं। इनमें से ज्यादा मामले हमारे इन 10 राज्यों में ही है। इसीलिए हम समीक्षा के लिए बैठे हैं। आज की चर्चा से हमें एक-दूसरे के अनुभवों से काफी कुछ सीखने को मिला। एक बात निकलकर आया है कि अगर हम मिलकर अपने इन 10 राज्यों में कोरोना को हरा देते हैं, तो देश भी जीत जाएगा।

मोदी ने कहा कि टेस्टिंग की संख्या बढ़कर हर दिन 7 लाख पहुँच चुकी है। इससे संक्रमण को पहचानने और रोकने में जो मदद मिल रही है, आज हम उसके परिणाम देख रहे हैं। हमारे यहाँ मौत की दर पहले भी दुनिया के मुकाबले कम था और संतोष की बात है कि यह लगातार और कम हो रहा है। ऐक्टिव केस कम हुआ है, रिकवरी रेट बढ़ता जा रहा है। लोगों के बीच भी आत्मविश्वास बढ़ा है।

इस दौरान पीएम ने कहा कि बिहार, गुजरात, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तेलंगाना में टेस्टिंग रेट बढ़ाने की जरूरत है। कोरोना के खिलाफ कंटेनमेंट, कंटैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस सबसे प्रभावी हथियार है। हम सब कोशिशों से अच्छे परिणाम की ओर आगे बढ़े हैं। शुरुआत के 72 घंटे में केस की पहचान कर लें तो इसका संक्रमण नहीं फैल सकता है।

पीएम ने कहा कि अस्पतालों पर दबाव, हमारे स्वास्थ्य कर्मियों पर दबाव, रोजमर्रा के काम में निरंतरता का ना आ पाना, ये हर दिन एक नई चुनौती लेकर आते हैं। ये लगातार मिलना, चर्चा करना जरूरी भी है, क्योंकि जैसे-जैसे कोरोना महामारी को समय बीत रहा है, नई-नई परिस्थितियाँ भी पैदा हो रही हैं।

बैठक के दौरान पीएम ने कहा कि हरियाणा, यूपी के कुछ जिले और दिल्ली में एक समय ऐसा आया कि लगा कि अब कोरोना काबू में नहीं आएगा। दिल्ली सरकार ने तो ऐसी घोषणा की कि बहुत बड़ा संकट आएगा। पीएम ने कहा, “लेकिन हमने गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की। दिल्ली कार्ययोजना पर काम किया गया और हमें सफलता मिली। आज हम सबका प्रयास सामने है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “आपके राज्यों में जमीनी हकीकत की निरंतर निगरानी करके जो नतीजे पाए गए सफलता का रास्ता उसी से बन रहा है! मुझे विश्वास है कि आपके इस अनुभव की ताकत से देश ये लड़ाई पूरी तरह से जीतेगा, और एक नई शुरुआत होगी।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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