प्रशासन ने मंदिर को रिलोकेट करने की माँग को अस्वीकार कर दिया और मंदिर को गिरा डाला गया। अंत मे लोगों ने सरकार से कहा कि कम से कम मंदिर के अंदर की चीजों को कहीं और रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन उनकी इस माँग पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया और...
"हम पहले भी कह चुके हैं कि अभिभावकों को यह विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे अपने बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाना चाहते हैं या नहीं। कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेज़ी माध्यम में बदलने का फ़ैसला..."
"CM ने अपने घर की खिड़कियों के लिए 73 लाख रुपए के ख़र्चे को मंज़ूरी दी है! यह सरकारी खजाने की क़ीमत पर किया जा रहा है। यह ऐसे समय पर किया जा रहा है जब पिछले 5 महीनों से राज्य की जनता राजकोषीय गड़बड़ी से जूझ रही है।"
आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने मिसाइल मैन और देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर मेधावी छात्रों को दिए जाने वाले स्कॉलरशिप का नाम बदलकर वाईएसआर विद्या पुरस्कार कर दिया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 4 नवंबर को एक अधिसूचना जारी किया, जिसमें...
विधायक ने ईसाई पादरियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वो उनके समर्थन से ही जीत कर आए हैं। उन्होंने पादरियों को कहा, "अगर आपकी गतिविधियों व क्रियाकलापों में कोई भी व्यवधान डालता है तो उन्हें बताएँ कि विधायक आपके साथ है।"
आंध्र प्रदेश पुलिस ने पार्टी को रैली की इजाजत दिए जाने से इनकार कर दिया और नरसरावपेटा, सत्तेनापल्ले, पलनाडू और गुराजला में धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस ने राज्य में टीडीपी के कई नेताओं को भी नजरबंद कर दिया।
आंध्र प्रदेश सभी निजी औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए नौकरियों को आरक्षित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, फिर भले ही इन कंपनियों को सरकार से वित्तीय या अन्य मदद मिले या न मिले।
राज्य सरकार द्वारा अमरावती में नायडू के आवास और चित्तूर जिले में उनके मूल स्थान नरवरिपल्ले में सुरक्षा वापस ले ली गई है। उनके परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा भी हाल ही में वापस ले लिया गया था और उनके बेटे नारा लोकेश को सुरक्षा के लिए सिर्फ दो कांस्टेबल दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था।
इसाई धर्म में विश्वास रखने वाले आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपने मामा वाई वी सुब्बा रेड्डी को तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड (TTD) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। टीटीडी भारत के सबसे अमीर मंदिर ट्रस्टों में से एक है।