NCERT के मॉड्यूल में बताया गया है कि भारत के बँटवारे के पीछे सबसे बड़ी ताकत राजनीतिक इस्लाम और उसकी विचारधारा थी। इसमें कॉन्ग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी की बात भी कही गई है।
राजनीति में परिवारवाद उस समय और भी चिंताजनक हो जाता है जब वह लोकतंत्र की आड़ लेकर उसकी आत्मा का गला घोंटने लगे। नेहरू के उदाहरण में यह स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
इससे पहले नेहरू ने एक बार कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की गलती की थी। इसके चलते 7 दशक के बाद भी कश्मीर का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के पास है।
कुंभ 1954 के दूसरे शाही स्नान (मौनी अमावस्या) में खुद नेहरू के शामिल होने के फैसले ने प्रयाग में लाशों के ढेर लगा दिए। भगदड़ में करीब 1000 लोगों की जान गई।
पत्र के अंश को हाईलाइट करके अब सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस से सवाल हो रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या नेहरू ने अंबेडकर पर ब्रिटिशों के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाकर गद्दार नहीं कहा गया था?