कृषि क्षेत्र में नरेंद्र मोदी सरकार को विरासत में एक लचर, रीढ़विहीन और नीतिहीन व्यवस्था मिली थी- पिछले चार सालों में उसमें काफी कुछ सुधार किए गए हैं और किसानों को उनका लाभ भी मिला है। सुनिए आंकड़ों की जुबानी।
इस मौके पर मॉरीशस के पीएम प्रविंद्र जुगनाथ ने हिंदी में कहा कि इस पवित्र नगरी में आए प्रवासी भारतीयों को मेरा प्रणाम। हम संस्कृति की गोद में हैं और यहाँ से गंगा जी का आशीर्वाद लेकर अपने अपने देश जाएँगे।
कल उन्हें 'तानाशाह' पसंद था, अब विकेन्द्रीकरण का बहाना मारते हैं। कल एक आँख के बदले दो आँख की बात करते थे, अब सेना के शौर्य को 'फ़र्ज़ीकल' स्ट्राइक बताते हैं
ट्विटर पर भाजपा की ओर से 5 साल में मोदी सरकार के दौरान देश में हुए बदलावों पर तथ्यों को साझा किया गया, जिनमें बताया जा रहा है कि UPA सरकार के दौरान यानि, 5 साल पहले क्या हालात थे और अब क्या हैं।
वर्ष 2003 में अपनी शुरुआत से ही लेकर वाइब्रेंट गुजरात समिट ने एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है जिसकी बदौलत कई अन्य राज्य भी अपने यहाँ व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के शिखर सम्मेलनों के आयोजन के लिए प्रेरित हुए।
“कॉन्ग्रेस ने एक तरफ जहाँ देश को राजीव गांधी, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के रूप में चार गाँधी दिए हैं। वहीं बीजेपी ने भी मोदी दिए हैं- नीरव मोदी, ललित मोदी और अंबानी की गोद में बैठा नरेंद्र मोदी”