सुप्रीम कोर्ट ने न्यूज 18 इंडिया के पत्रकार और एंकर अमीश देवगन की सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक बढ़ा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में न्यूज 18 इंडिया के पत्रकार और एंकर अमीश देवगन के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर में जाँच और कार्रवाई करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
ऑपइंडिया ने मेवात में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं पर हुए अत्याचार की जमीनी हालातों को जानने के लिए कई स्थानीय लोगों से संपर्क किया। हमारी बात उन पत्रकारों से भी हुई। जिन्होंने वहाँ जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
प्रदीप भंडारी रिपब्लिक टीवी के शो ‘ललकार’ को होस्ट कर रहे थे। इस दौरान जैसे ही उन्होंने इमाम को देशद्रोही और देश के लिए खतरा बताया, एक पैनलिस्ट पहले तो जोर-जोर से चिल्लाने लगा और फिर उनके साथ बदसलूकी भी की।
“पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। फर्जी खबरें नए खतरे के रूप में सामने आई हैं, जिसका प्रसार करने वाले खुद को पत्रकार के रूप में पेश कर इस महान पेशे को कलंकित करते हैं।”
हैरान करने वाली बात ये है कि मृतका का पति भी एक पत्रकार ही है। दोनों ने अपनी मर्जी से (लव मैरेज) निकाह किया था। लेकिन, कुछ ही दिनों में रिश्तों में खटास आ गई।
POK में 22 अक्टूबर की तारीख को 'काला दिवस' (‘Black Day’) मनाया जाता है। उस ही तारीख को 1947 में पाकिस्तानी सेना ने महाराज हरी सिंह के जम्मू और कश्मीर राज्य पर हमला किया था।
मुजफ्फराबाद में एक दिन में पाक पुलिस का बर्बर चेहरा दूसरी बार सामने आया। पत्रकारों को न केवल पीटा गया, बल्कि उनके उपकरण भी तोड़ दिए गए। पत्रकारों ने जानबझूकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है।