जब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश सुधारों का जोखिम उठा सकते हैं तो पूरी दुनियाँ को सभ्यता सिखाने वाले पश्चिमी देश अफगानिस्तान से आँखें मूँदकर कैसे भाग सकते हैं?
"मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही तरीके से पाकिस्तान को प्रैक्टिस नहीं करने दिया जा रहा है। ये सब केवल पाकिस्तान के साथ ही हो रहा है, बाकी किसी के साथ नहीं।"
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय से जुड़े लोग ऑन टीवी राणा अयूब की तारीफ करते हैं। वह उन्हें मोदी सरकार का पर्दाफाश करने वाली ;मुस्लिम पत्रकार' के तौर पर जानते हैं।