कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ द्वारा हिन्दू मंदिर तहस-नहस किए गए जाने वाली घटना पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने इस घटना के प्रति कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान को नाराज़गी जाहिर की है।
धर्मपरिवर्तन को लेकर लगे आरोपों के बाद पाकिस्तानी सेना के कर्नल के खिलाफ जाँच के आदेश दिए गए हैं। जीएचक्यू ने घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक आंतरिक जाँच-पड़ताल शुरू की है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह और पाकिस्तानी रक्षा मामलों की पत्रकार अरूसा आलम के बीच काफ़ी नज़दीकी रिश्ते हैं। दोनों ही अपने इस कम मशहूर ‘अफेयर’ को लेकर सार्वजनिक रूप से बात करने से कतराते हैं।
सैंकड़ों की भीड़ वहाँ मौजूद है। आस-पास अल्लाह-हू-अकबर के नारे लग रहे हैं। इस्लामी झंडा लहरा कर मंदिर को तोड़ा जा रहा है। जगह जगह से धुआँ उठ रहा है। गोले दगने की आवाजें भी वीडियो साफ सुनाई पड़ रही हैं।