पाकिस्तानी एयरस्पेस के बंद होने के कारण रोजाना करीब 400 विमानों के परिचालन पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण जून के अंत तक पाकिस्तान को 700 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। पहले से ही आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान की हालत इससे और चरमराई हुई है।
वे खराब मौसम में एक पहाड़ी पर फँस गए हैं, जहाँ से उन्हें न तो वायु सेना हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट कर सकती है और न ही वह खुद बारिश के कारण खतरनाक हो गए रास्ते पर पूरे दिन भर की जोखिम-भरी ट्रेकिंग कर के निकटतम गाँव तक पहुँच सकते हैं।
हमले की सफलता का कोई वीडियो न होने के बावजूद पायलटों के मन में सफलता को लेकर कोई संदेह नहीं है। “मुझे स्पाइस बमों के निशाने पर गिरने में कोई संदेह नहीं है।”
इस जंग में भारतीय वायु सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया था। इस सीन रीक्रिएशन के मौके पर वायु सेना के एक अधिकारी का कहना है, "करगिल संघर्ष ऊँचाई की परिस्थितियों में युद्ध में वायु शक्ति के उपयोग का एक अनुकरणीय अनुभव प्रदान करता है।"
लिपो गाँव के घने जंगलों में AN-32 विमान का मलबा मिला था, इसके बाद वायु सेना द्वारा इसकी तस्वीरें जारी कर दी थी। जारी की गई तस्वीरों में स्पष्ट नज़र आता था कि जिस जगह AN-32 का मलबा था वहाँ आसपास के पेड़ जले हुए थे।
टी यूबी भी बयोर पर्वत के चप्पे-चप्पे से परिचित हैं और इन जंगलों में अक्सर शिकार करते रहने के कारण उन्हें इसकी दुर्गमता के पूरा अनुभव है। 40 वर्षीय यूबी को स्थानीय अधिकारियों ने 15 किलो चावल और कई अन्य चीजें देकर इस विमान का पता लगाने को कहा।
फ्लाइंग ऑफ़िसर नवीन कुमार रेड्डी को वायु सेना अकादमी के इस बैच में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर मिला। आपको बता दें कि यह सम्मान उस कैडेट को दिया जाता है जिसने पूरी ट्रेनिंग के दौरान हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो।
कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।
वायुसेना ने वीरगति को प्राप्त सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि दी है। इस विमान में जीएम चार्ल्स, एच विनोद, आर थापा, ए तंवर, एस मोहंती, एमके गर्ग, केके मिश्रा, अनूप कुमार, शेरिन, एसके सिंह, पंकज, पुताली और राजेश कुमार सवार थे। ऑपइंडिया की ओर से सभी जवानों को श्रद्धांजलि!
BBC की 'चुप्पी' का मतलब तो यही निकलता है कि मलबा मिलते ही वायुसेना के अधिकारियों को तुरंत अपने घर से निकलकर मोटरसाइकिल में किक मार के हादसे वाली जगह तक दौड़ जाना चाहिए था।