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भारतीय संस्कृति

पोलैंड: लाइब्रेरी की दीवार पर उकेरे गए उपनिषद के छंद, यूजर्स बोले- दुनिया हिंदू धर्म अपना रही है

पोलैंड के पुस्तकालय की दीवार पर उकेरे गए उपनिषद के छंदों की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसे भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया है।

होली के रंग में जीवन का उल्लास: होलिका, होलाका, धुलेंडी, धुरड्डी, धुरखेल, धूलिवंदन… हर नाम में छिपा है कुछ बहुत खास

आध्यात्मिक रूप से होलिका दहन का मकसद पुराने कपड़ों या वस्तुओं को जलाना ही नहीं है, बल्कि पिछले एक साल की यादों को जलाना है ताकि...

काशी में क्यों खेली जाती है चिता-भस्म की होली, भूतभावन महादेव अब भी आते हैं महाश्मशान मणिकर्णिका?

बनारस की होली भी बनारस के मिजाज के अनुसार ही अड़भंगी है। दुनिया का इकलौता शहर जहाँ अबीर, गुलाल के अलावा धधकती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली होती है।

परमार वंश के राजमहल पर ‘निजी सम्पत्ति’ का बोर्ड लगाने वाले काजी पर जुर्माना, जगह खाली करने का आदेश

परमार वंश के राजमहल पर 'निजी सम्पत्ति' का बोर्ड लगाने वाले काजी इरफान अली को जगह खाली करने का आदेश दिया गया है।

प्रशासन ने हटाया परमार वंश के राजमहल से काजी परिवार की ‘निजी सम्पत्ति’ का बोर्ड

इस पर 'निजी संपत्ति' का बोर्ड लगाने वाले एक काजी ने दावा किया कि यह एक हजार साल पुराना ना होकर चार सौ साल पुराना है, जिसे उनके पूर्वजों द्वारा पूरा कराया गया था।

बाँका में मिले नदी-घाटी सभ्यता के अवशेष: ईंटें किश्चियन तारीख से पहले के, ग्रीक लेखकों ने भी किया था वर्णन

बिहार के बाँका जिले के भदरिया गाँव के समीप चांदन नदी के बीच कुछ अति-प्राचीन घरों की शृंखला मिली है। घरों की दीवारें 20 से 30 फीट तक चौड़ी...

जन्माष्टमी: सम्पूर्णता में जीने का सन्देश – श्री कृष्ण की 16 कलाएँ, उनके ग्वाले से द्वारकाधीश होने की सम्पूर्ण यात्रा

कृष्ण की सोलह कलाएँ उनके विशेष सोलह गुणों से सम्बंधित हैं। जो यदि किसी में हों तो जिस अनुपात में इन गुणों की व्याप्ति होगी उसी अनुपात में...

बिंदी का सरोकार भारतीय पृष्ठभूमि से है: ‘लोगो’ हटाने से पहले ‘स्कॉच ब्राइट’ ये तो बताएँ ये रिग्रेसिव कैसे हुई?

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कई लोगों ने स्कॉच ब्राइट नामक उत्पाद बनाने वाली कंपनी 3M को आड़े हाथों लिया है। लोगों ने पूछा कि वो अपना 'लोगो' बदलने से पहले बता सकती है कि बिंदी रिग्रेसिव कैसे है?

सहिष्णुता यहीं है, क्योंकि विश्वबंधुत्व, उदारता और बड़प्पन की मिट्टी से बना है हिंदुत्व

आज भारत की संस्कृति ने फिर से अपनी पहचान बनानी शुरू की है, क्योंकि हमने उस पर बिना किसी झेंप के गर्व करना सीख लिया है। आइए भय, पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण के परदे से बाहर निकल कर खुली आँखों से सत्य के प्रकाश का अवलोकन करें।

संविधान में राम-कृष्ण को उकेरने वाला वो नायक जिसकी धरोहर ‘सेकुलर’ जमात ने गुपचुप गायब कर दी

क्या आपने नंदलाल बोस का नाम सुना है? संविधान में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर आज क्यों नहीं दिखती?

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