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भारतीय सेना

कारगिल के 20 साल: देश का ऐसा शूरवीर, जिसे मारने के लिए पाकिस्तान ने चलाया ‘ऑपरेशन शेरशाह’

20 जून 1999 की सुबह 3:30 बजे विक्रम बत्रा और उनके साथियों ने प्वाइंट 5410 पर फिर से तिरंगा लहरा दिया। इस जीत के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर।” विक्रम के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।

हनीट्रैप: जवान ने फेसबुक पर शेयर की खुफिया जानकारी, गिरफ्तार

रविंद्र की नियुक्ति साल 2017 में 5 कुमाऊँ रेजीमेंट में हुई थी। उसकी पोस्टिंग 2018 में अमृतसर में हुई। इस दौरान वह विदेशी महिला के संपर्क में आया। नारनौल पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यादव महिला से फेसबुक पर चैट करने लगा और कुछ दिन बाद उसने महिला को बताया कि वह सेना में काम करता है। इसके बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बात होने लगी।

VIDEO: पहाड़ से गिरते पत्थरों से ढाल बनकर बचा रहे हैं अमरनाथ यात्रियों को ITBP के जवान

यात्रा के दौरान जब श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़े तो उसी दौरान पहाड़ियों में भूस्खलन हो गया और पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े मार्ग की तरफ तेजी से आने लगे। इस पर ITBP के जवान पत्थर के भारी-भरकम टुकड़ों के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए और बिना अपनी जान की परवाह किए पत्थरों को यात्रियों तक पहुँचने से रोकते रहे।

गीता है Army Manual, USA ने अपने सैनिकों के लिए मँगाई थी 30000 प्रतियाँ: Maj Gen सुभाष शरण

मेजर जनरल शरण ने कहा कि गीता में वो सारी शिक्षाएँ हैं, जिसे एक युद्ध के मैदान में दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गीता किसी ख़ास रिलिजन की पुस्तक नहीं है, युवाओं को इसे ज़रूर पढ़ना चाहिए क्योंकि ये हमें जीवन में आने वाली हालातों के लिए पहले से ही तैयार रखता है।

आतंकी हमले के समय उरी में तैनात कमांडरों को किया जा सकता है सेवानिवृत्त

एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ऑपरेशनल मुद्दों के कारण कमांडर्स को सेवानिवृत्त करने के लिए उत्सुक नहीं है। हमलों की जाँच की गई है। आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि बेस के एक कमांडर ने हमले के दो दिन पहले ही कमान संभाली थी।

धर-दबोचे 70+ आतंकी, उनके ठिकानें किए तबाह: भारत-म्यांमार के सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई

दोनों देशों की सेनाओं ने इस संयुक्त ऑपरेशन में जिन उग्रवादी संगठनों को निशाना बनाया गया, उनमें कामतापुर लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (KLO), एनएससीएन (NSCN), उल्फा और नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) शामिल हैं।

हमारी सरकार का पहला फैसला रक्षकों को समर्पित: मोदी कैबिनेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि सरकार का पहला निर्णय उनके लिए है, जो हमारी सुरक्षा करते हैं।

Sp Ops डिवीजन के प्रमुख बने एके ढींगरा: आतंकवाद के खिलाफ भारत में पहली बार आर्मी-IAF-नेवी एक साथ

इस त्री-सेना के गठन में सेना की पैराशूट रेजिमेंट, नौसेना की मार्कोस और वायु सेना के गरुड़ कमांडो बल के विशेष कमांडो शामिल होंगे।

कारगिल की लड़ाई के दौरान नरेंद्र मोदी टाइगर हिल क्यों गए थे?

भाजपा नेता एवं ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) कुशाल ठाकुर ने कहा कि मोदी का टाइगर हिल का दौरा करना राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उस वक्त की उनकी चिंता को दर्शाता है, जब वह किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं थे।

सेना को सलाम: पत्थर खाकर भी चलाते हैं गुडविल स्कूल, 100% बच्चे 10वीं में पास, हिज़्बुल नाराज़

गिलानी ने 2013 में कहा था कि सेना द्वारा चले जा रहे सद्भावना स्कूलों में सनक और बेहूदगी फैलाई जा रही है, जिसे बंद किया जाना चाहिए। इधर गुडविल स्कूलों के अच्छे परफॉरमेंस से ख़फ़ा हिज़्बुल मुजाहिदीन ने छात्रों के विरोध में पोस्टर्स चिपकाएँ हैं और कहा है कि ऐसा नहीं चलेगा।

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