हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को निर्मम हत्या कर दी गई थी। सोनिया को पत्र लिखने वाले जमीयत ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों के परिजनों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिलाया था।
जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या सोनिया गाँधी महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मिल कर सरकार गठन करने के ख़िलाफ़ हैं, पवार ने कहा कि सरकार गठन को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि किसी अन्य तीसरे दल के बारे में चर्चा हुई ही नहीं।
शरद पवार ने अपने बयान से शिवसेना को सकते में डाल दिया है। पवार ने कहा कि सरकार का गठन कैसे होना है, इस बारे में भाजपा और शिवसेना सोचे। उन्होंने मीडिया में चल रही उस चर्चा को नकार दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि शिवसेना और एनसीपी मिल कर सरकार बना रही है।
16 वर्ष के बच्चे ने मराठा साम्राज्य की कमान सँभाली। जलवा ऐसा कि दिल्ली के सिंहासन पर कौन बैठेगा, ये भी उसके इशारे पर तय होता था। जानिए, कौन था मैसूर के हैदर अली और हैदराबाद के निज़ाम को धूल चटाने वाला महायोद्धा?
“बीजेपी-शिवसेना ने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा था, तो फिर कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन कैसे हो सकता है। शिवसेना और भाजपा अलग हैं। हम और कॉन्ग्रेस अलग हैं, उनको उनका रास्ता तय करना है।”
शिवसेना हिन्दुत्व के एजेंडे से पीछे हटने को तैयार है फिर भी सोनिया दुविधा में हैं। शिवसेना को समर्थन पर कॉन्ग्रेस के भीतर भी मतभेद है। ऐसे में एनसीपी सुप्रीमो के साथ उनकी आज की बैठक निर्णायक साबित हो सकती है।
जब पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दने पहुँचे तो शिवसेना कार्यकर्ताओं ने फडणवीस के सामने 'सरकार किसकी, शिवसेना की' जैसे नारे लगाए। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने फडणवीस को हारा हुआ जनरल करार दिया।
मैंने अमित भाई (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) से कहा कि अगर वह मध्यस्थता करते हैं तो एक रास्ता निकाला जा सकता है, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा। भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएँगे।"
बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर सरकार बनाने का उद्धव का सपना नहीं हुआ पूरा। सोनिया गॉंधी के रुख ने बढ़ाई परेशानी। पुणे में पार्टी नेताओं से चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएँगे शरद पवार।
संजय राउत ने अति-आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार न सिर्फ़ अगले 5 साल, बल्कि 25 सालों तक चलेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर इन तीनों दलों की सरकार बन भी जाती है तो वो 6 महीने से ज्यादा नहीं चल पाएगी।