पूरा लेख रेटरिक यानी गाल बजाने जैसा है जिसमें वही पाँच साल पुरानी बातें हैं जिन्हें लिख कर भारत का छद्म-बुद्धिजीवी गिरोह भी बोर हो चुका है: मोदी नफरत फैलाता है, समाज को बाँट रहा है, सरकार पूर्णतः विफल रही है... ब्ला, ब्ला ब्ला...
अटल बिहार वाजपेयी के निधन के तुरंत बाद उनकी बुराइयों की चर्चा को उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताने वाले यौन शोषण आरोपित पत्रकार ने कहा कि चूँकि राजीव गाँधी अब दिवंगत हो चुके हैं, उन पर पीएम मोदी द्वारा दिया गया बयान बताता है कि इंसान कुर्सी के लिए किस हद तक नीचे गिर सकता है?
ये चम्पक लेफ़्ट-लिबरल इको सिस्टम जितना चिल्ला ले कि मोदी ने तो कॉन्ग्रेस की योजनाओं का नाम बदल दिया, लेकिन सत्य यही है कि योजना का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, उस पर काम भी किया, और करोड़ों ज़िंदगियों को उन छोटी सुविधाओं से छुआ, बेहतरी दी, जो साउथ और नॉर्थ ब्लॉक में बैठे लोगों के लिए नगण्य या इन्सिग्निफिकेंट थीं।
जब नवरात्रि आती है, तब उपवास के गुण-दोष बताने के लिए डराने वाली हेडलाइन का सहारा लिया जाता है और इसके ख़तरे भी गिनाए जाते हैं। लेकिन, जब बात रमजान की आती है और उपवास रोज़ा में बदल जाता है तब उसका गुणगान करते हुए इसके वैज्ञानिक फ़ायदे बताए जाते हैं।
अमानतुल्लाह ख़ान ने मंच पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी को धक्का दिया था। अरविन्द केजरीवाल को झापड़ पड़ने की निंदा करने वाले अभिसार शर्मा ने मनोज तिवारी को धक्का दिए जाने की भी निंदा की होगी, है या नहीं? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप ग़लत हैं।
कॉन्ग्रेस ने ट्विटर पर पूरी बेशर्मी के साथ एक ऐसी रिपोर्ट ट्वीट की है, जिसमें 2014 में RBI का 200 टन सोना स्विट्जरलैंड भेजने की बात कही गई है। कॉन्ग्रेस ने नेशनल हेराल्ड की एक ‘खोजी रिपोर्ट’ को टैग करते हुए लिखा, “क्या मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से RBI का 200 टन सोना 2014 में स्विट्जरलैंड भेजा?”
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जब मुंबई मिरर ने एक राजनीतिक नेता के ख़िलाफ़ अपमानजनक और अप्रिय टिप्पणी प्रकाशित की हो। पिछले साल, उन्होंने एक 'फ़ैशन ब्लॉगर' द्वारा एक कॉलम प्रकाशित किया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ बेहद ग़लत और अपमानजनक टिप्पणी लिखी थी।
ऐसे मौकों पर एडिटर्स गिल्ड उसी 'गुप्त' रोग से ग्रसित हो जाता है, जिसमें नियम है कि भाजपा-विरोधी शासित राज्यों में पत्रकारों पर ज़ुल्म भी हो तो उस पर कुछ नहीं बोलना है और भाजपा शासित राज्य में किसी पत्रकार की सीढ़ियों से गिरकर ऊँगली में चोट भी लगती है तो एक 'Condemnation Letter' जारी कर दिया जाता है।
नीति देब ने CNBCTV18 के ट्वीट का जवाब देते हुए रिपोर्ट को फर्जी खबर बताया और साथ ही इसके लिए समाचार एजेंसी की आलोचना करते हुए कहा कि पब्लिसिटी पाने के लिए अफवाहों के आधार पर ऐसी खबरें चलाकर एक सम्मानित महिला की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।