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रामजन्मभूमि

अयोध्या में राम मंदिर: दिसंबर के पहले हफ्ते में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत पीछे हटा

मामले के दो मुख्य पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी ने पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने का फैसला किया है। एआईएमपीएलबी ने कहा है कि इस फैसले से न उसे फर्क पड़ता है और न इसका उसकी याचिका पर कानूनी तौर पर कोई फर्क पड़ेगा।

सनातन हिन्दू धर्म को ईसाई या इस्लामी चश्मे से देखना अनुचित: नितिन श्रीधर की ऑपइंडिया से बात

लेखक, indiafacts.org और अद्वैत एकेडमी के सम्पादक व धर्मशास्त्रों के जाने-माने टिप्पणीकार नितिन श्रीधर ने धर्म से जुड़े कई पक्षों पर ऑपइंडिया से बात की, जिसमें राजनीति, लोकतंत्र के बारे में दृष्टिकोण, हाल ही में आए सबरीमाला और राम मंदिर के फैसले, धर्म की व्यवहारिक परिभाषा आदि शामिल थे। पेश है इस साक्षात्कार के मुख्य हिस्सों का सारांश:

सीताराम! नक्सली आतंकियों के नाजायज बापों को राम से इतनी एलर्जी क्यों है…

न्याय तलाशते वामपंथी बहुत पीछे जाते हैं तो 1528 में पहुँचते हैं जहाँ रहमदिल, आलमपनाह बाबर, जिसके माता और पिता पक्ष पर करोड़ों हत्याओं का रक्त है, कंधे पर पत्थर उठा कर एक जंगल-झाड़ में, छेनी-हथौड़ा से कूटते हुए मस्जिद बनाता दिखता है।

जस्टिस अब्दुल नज़ीर और उनके परिवार को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा, राम मंदिर फैसले के बाद PFI से खतरा

जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर राम मंदिर पर फ़ैसला देने वाली सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ का हिस्सा थे। यह उस पीठ का भी हिस्सा थे, जिसने ट्रिपल तलाक़ को असंवैधानिक घोषित किया था। इस्लामिक संगठन PFI से ख़तरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने...

परमहंस दास ने राम जन्मभूमि न्यास प्रमुख के ख़िलाफ़ की आपत्तिजनक टिप्पणी, संगठन से निष्कासित

"परमहंस दास, जिनका मूल नाम उदय नारायण दास है, वे स्व-घोषित महंत और जगतगुरु थे और उन्होंने संत के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। साथी संतों से परमहंस दास को अपने दायरे में शरण न देने का भी आग्रह करता हूँ।"

1 लाख लोगों का जमा धन डबल: 100 साल पुराने राम नाम बैंक ने ग्राहकों को दिया स्पेशल बोनस

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक ने उन खाता धारकों के लिए विशेष पुरस्कार की भी घोषणा की है जिन्होंने सवा लाख राम नाम जमा कर रखे हैं। इस बैंक की न तो कोई एटीएम है और न ही कोई चेक बुक।

‘मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए, औरंगज़ेब का सबसे बड़ा साम्राज्य था, वो इस्लामी कट्टरपंथी नहीं था’

"अगर मस्जिद को (1992 में) ध्वस्त नहीं किया जाता, तब भी क्या यही फ़ैसला आता? हमारी लड़ाई ज़मीन के टुकड़े के लिए नहीं थी। यह सुनिश्चित करना था कि मेरे क़ानूनी अधिकारों का ध्यान रखा जाए। SC ने यह भी स्पष्ट कहा कि मस्जिद बनाने के लिए किसी मंदिर को नहीं गिराया गया। मुझे अपनी मस्जिद वापस चाहिए।"

हिन्दू धर्मांतरण क्यों नहीं करते? कलमा क्यों नहीं पढ़ लेते? क्योंकि वो काल को जीतने वाले राम के उपासक हैं

अपने अंतर्मन में हर हिन्दू यह बात जानता था कि श्री राम व राम का नाम हिन्दू धर्म की आत्मा है। राम गए तो हिन्दू धर्म नहीं बचेगा। वह आस्था, वह श्रद्धा जो हमारे रक्त और हमारी हड्डियों में समाई हुई है। राम का ‘तत्व’ ही वह शाश्वत धारा है जिसने हिन्दू समाज को विषम-से-विषम परिस्थिति में भी स्पंदित व जीवित रखा है, तथा सदैव रखेगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 गुना बढ़ी अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि फैसले के बाद अचानक से कार्यशाला पहुॅंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। अमूमन 1000 लोग रोजाना कार्यशाला आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 5000 हो गई है।

राम मंदिर निर्माण की देख-रेख करें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: राम जन्मभूमि न्यास ने उठाई माँग

“राम जन्मभूमि न्यास चाहता है कि योगी आदित्यनाथ ट्रस्ट का नेतृत्व करें। गोरखपुर में प्रतिष्ठित गोरखनाथ मंदिर, जो गोरक्षा पीठ से संबंधित है, ने राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई है। महंत दिग्विजय नाथ, महंत अवैद्यनाथ और अब योगी आदित्यनाथ मंदिर आंदोलन के अभिन्न अंग रहे हैं।”

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