राहुल गाँधी के समर्थकों द्वारा किए गए ट्वीट्स के भरमार को देखकर यकीन होता है कि राहुल गाँधी के फॉलोवर उन्हीं की तरह हैं। जो बिना तथ्यों की जाँच परख किए समाज में झूठ फैलाने में लग जाते हैं।
"पिछले कई दिनों से राज्य सरकार इस मॉडल का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुझे तब दुख ज्यादा हुआ कि जब इसका श्रेय राहुल गाँधी को भी दिया जाने लगा। जबकि सच यह है कि भीलवाड़ा की जनता ने इसे एक मॉडल के रूप में स्थापित करने और कोरोना से लड़ने के लिए छोटी-छोटी बातों का कड़ाई से पालन किया और आत्मसंयम का परिचय दिया। हम लोग प्राधनमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अपील से बहुत प्रभावित हैं।"
राहुल गाँधी के इस ट्वीट पर काफी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनके ट्वीट के जवाब में सबसे ज्यादा निंदनीय कमेन्ट वो था, जिसमें उन्हें किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की सलाह दी गई थी।
इशिता ने राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए यह ट्वीट किया है। इसी ट्वीट के अन्य कमेंट में उन्होंने लिखा है कि उम्मीद है, वो सिसोदिया को पीकर मैसेज नहीं भेजेंगे। दरअसल, ड्रंक टेक्स्ट का इस्तेमाल अक्सर लोग शराब पीने के बाद पुरानी प्रेमिका को भेजे गए सन्देश के रूप में करते हैं।
बीजेपी से जुड़ने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज पहली बार भोपाल पहुँचे जहाँ उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जनसभा के दौरान सिंधिया ने कहा कि आज यह उनका सौभाग्य है कि जिस दल को अपने पसीने और पूँजी के साथ उनकी दादी ने स्थापित किया, जिस दल में 26 साल की उम्र में पहली बार जनसेवा का पथ अपनाकर उनके पूज्य पिता जी चले थे आज उसी दल में ज्योतिरादित्य सिंधिया प्यार लेकर आया है।
राहुल गॉंधी ने बुधवार को दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान एक बार फिर जुबान फिसलने की उनकी आदत सामने आ गई। साथ ही एक महिला ने कॉन्ग्रेस नेताओं को दंगों के लिए जिम्मेदार बताया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि अगर राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के पद पर नहीं लौटते हैं तो पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए ‘सक्रिय और पूर्णकालिक नेतृत्व’ तलाशने की जरूरत है।
खुर्शीद ने कहा कि अगर आपको विश्वास है कि राहुल गाँधी एक नेता हैं तो आपको कुछ निर्णय उन पर ही छोड़ने होंगे। चुनावों में मिल रही हार के विषय पर खुर्शीद ने कहा कि उन पर समय मत थोपिए, निर्णय उन पर नहीं थोपना चाहिए, उन्हें निर्णय करने दीजिए।