मैग्सेसे विजेता के साथ-साथ उनके 9 अन्य साथियों को भी पुलिस ले गई है, जो क्षेत्र में शांति भंग करने का प्रयास कर रहे थे। वे बिना अनुमति लखनऊ के घंटाघर से गोमती नगर तक मार्च भी निकालने वाले थे।
रंजीत बच्चन मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे। सुबह की सैर के वक्त उनकी हत्या की गई। घटना में उनके भाई भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। बीते साल लखनऊ में ही हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी।
इमरान कहते हैं कि हिटलर ने आत्महत्या की थी और तानाशाहों का ऐसा ही अंत होता है। आज के दौर में वो तानाशाह किसे कह रहे हैं और किसके मौत की दुआ माँग रहे हैं? मोदी को संविधान का कातिल कहने से पहले उन्होंने अपने साथी शरजील से क्यों नहीं बात की?