कोरोना वायरस के कारण संसद का मानसून सत्र 10 दिन में ही खत्म कर दिया गया। इससे पहले 14 सितंबर से 23 सितंबर तक बिना किसी साप्ताहिक छुट्टी के संसद में रोज कार्यवाही चली। इस बीच 25 बिल पास किए गए।
वैसे पहली बार संसद का प्रश्नकाल स्थगित नहीं हुआ है। फिर भी इसके बहाने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाने वाले राजनीतिक दल खुद के शासित राज्यों में भी कोरोना का हवाला दे इसे स्थगित कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री के इस मजाकिया अंदाज़ से पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्षी नेता भी बेंच थपथपाते नज़र आए। इनमें से एक कोडिकुन्नील रमेश भी शामिल थे। वो कॉन्ग्रेस के सांसद हैं लेकिन जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी को 'ट्यूबलाइट' कहा तो वो अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
अपनी ही पार्टी के नेता के सम्बोधन के दौरान सदन में नींद लेने के कारण सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी की ख़ासी आलोचना हुई। राहुल गाँधी केरल के वायनाड से सांसद हैं।